{"_id":"5bc64115bdec22695706f65d","slug":"121539719445-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच वर्ष पूर्व हत्या के मामले में अभियुक्त को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच वर्ष पूर्व हत्या के मामले में अभियुक्त को उम्रकैद
Updated Wed, 17 Oct 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर देहात। सिकंदरा थाना क्षेत्र के खोजाफूल गांव में पांच वर्ष पूर्व बल्लम मारकर युवक की हत्या कर दी गई थी। मामले में अदालत ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए मंगलवार को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
खोजाफूल गांव में 16 जुलाई 2013 को सतीश कटियार की पेट में बल्लम मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके भाई पंकज कटियार ने गांव के शिवाकांत मिश्रा पर हत्या का आरोप लगा सिकंदरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि शिवाकांत एक पागल व गूूंगे को पीट रहा था तभी उसके भाई सतीश ने विरोध किया तो उसके पेट में बल्लम मारकर मौत के घाट उतार दिया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विजेंद्र सिंह की अदालत में चल रही थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को अभियुक्त शिवाकांत मिश्रा को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता विशंभर सिंह ने बताया कि जुर्माना की राशि अदा न करने पर अभियुक्त को छह वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
विज्ञापन
खोजाफूल गांव में 16 जुलाई 2013 को सतीश कटियार की पेट में बल्लम मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके भाई पंकज कटियार ने गांव के शिवाकांत मिश्रा पर हत्या का आरोप लगा सिकंदरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि शिवाकांत एक पागल व गूूंगे को पीट रहा था तभी उसके भाई सतीश ने विरोध किया तो उसके पेट में बल्लम मारकर मौत के घाट उतार दिया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विजेंद्र सिंह की अदालत में चल रही थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को अभियुक्त शिवाकांत मिश्रा को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता विशंभर सिंह ने बताया कि जुर्माना की राशि अदा न करने पर अभियुक्त को छह वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
विज्ञापन