UP: न कुछ सुना न कहा...बेटी को देख छलक उठा दर्द, मासूम से दरिंदगी का दुख दंपती की आंखों में दिखा, जानें मामला
Kanpur News: सीएचसी प्रभारी के मुताबिक छात्रा के प्राइवेट पार्ट में अंदरूनी चोटें आई हैं। बच्ची की उम्र देखते हुए अधिक रक्तस्राव होने पर छात्रा की जान भी जा सकती थी। घटना के बाद रक्तस्राव के चलते छात्रा बेहोश हो गई। इस पर कल्लू ने पानी छिड़ककर उसे होश में लाने का प्रयास किया।
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कानपुर में स्कूल गई बेटी के साथ वैन में हुई दरिंदगी के विषय में उसके मूक-बधिर माता-पिता ने न तो कुछ सुना और न ही कुछ बोल सके, फिर भी वह सबकुछ समझ गए। बेटी की हालत देखकर उनकी आंखों से बेटी का दर्द छलक उठा। बेटी के साथ हुई दरिंदगी का दर्द दंपती की आंखों में साफ देखने को मिला।
शुक्रवार की दोपहर छात्रा स्कूल से घर लौटी और कपड़े बदलने कमरे में गई। तभी वह फफक पड़ी। रोने की आवाज सुनकर उसकी नानी कमरे में पहुंचीं तो पीछे से मां भी पहुंच गई। वह कुछ सुन नहीं पाईं, लेकिन बेटी ने इशारों में उन्हें पूरी घटना बताई तो मामला समझते ही सिहर उठीं।
आंखों से आंसू बह निकले। बेटी को गले लगाकर सिर्फ रोती रही। शाम को जब पिता घर पहुंचे, तो सभी के उदास चेहरों को देखकर किसी अनहोनी का एहसास हो गया। इसके बाद में जब प्रकरण पता चला, तो सिर पकड़कर वहीं बैठकर फफक पड़े। दोनों रोते-रोते बदहवास भी हो गए।
स्कूल की लापरवाही ले सकती थी छात्रा की जान
छात्र द्वारा आपबीती बताई जाने के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने उसे तत्काल किसी चिकित्सक के पास ले जाने की जहमत नहीं उठाई। इसके विपरीत प्रबंधन छात्रा पर ही मामले को छिपाने का दबाव बनाता रहा। जबकि, सीएचसी प्रभारी के मुताबिक छात्रा के प्राइवेट पार्ट में अंदरूनी चोटें आई हैं। बच्ची की उम्र देखते हुए अधिक रक्तस्राव होने पर छात्रा की जान भी जा सकती थी।
रक्तस्राव के बाद बिगड़ी छात्रा की हालत
घटना के बाद रक्तस्राव के चलते छात्रा बेहोश हो गई। इस पर कल्लू ने पानी छिड़ककर उसे होश में लाने का प्रयास किया। स्कूल पहुंचने से पहले छात्रा के होश आ जाने पर उसे स्कूल में छोड़कर फरार हो गया। जिसे बाद में पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से पॉलिटेक्निक चौराहा के पास से गिरफ्तार किया। रावतपुर के दुबिहार निवासी रविकांत शुक्ला पर 2009 में गोली चलाकर जानलेवा हमला करने के मामले में कल्लू को जेल भेजा गया था।
छात्रा से दरिंदगी ने ताजा कर दीं दिव्या कांड की यादें
वैन में सनसनीखेज वारदात ने 2010 में रावतपुर में हुए दिव्या हत्याकांड की यादें ताजा कर दीं। अंतर केवल इतना रहा कि दिव्या कांड में दुष्कर्म के बाद आरोपी ने उसकी हत्या कर दी थी। जबकि, यहां छात्रा से दुष्कर्म के बाद वैन चालक कल्लू उसे स्कूल छोड़ आया। अगर 2023 की बात की जाए तो इस साल आधा दर्जन से ज्यादा बच्चियां वहशीपन का शिकार हुई हैं।
- 10 फरवरी 2022 को नरवल में मासूम से कुकर्म के बाद आरोपियों ने उसके सिर में कील ठोंककर हत्या कर दी थी।
- इसी साल सितंबर में बाबूपुरवा में घर के बाहर खेल रही बच्ची से कोठरी में युवक ने दुष्कर्म किया।
- 18 सितंबर 2023 को जूही गढ़ा में 50 वर्षीय अधेड़ ने आठ साल की बच्ची से कुकर्म व हत्या का प्रयास किया।
- 21 सितंबर 2023 को सात साल के बच्चे पर पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा।
- 17 नवंबर 2020 में घाटमपुर में औलाद की चाह में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों ने बच्ची का कलेजा भी खाया था।
दिल्ली के प्लेटफार्म पर लावारिस मिली थी पीड़िता की मां
पीड़ित छात्रा की मूक-बधिर मां छात्रा की नानी को करीब 25 साल पहले दिल्ली के प्लेटफार्म पर लावारिस हालत में मिली थी। वृद्धा उसे गोद में उठाकर काफी देर तक उसके माता-पिता का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ पता न चलने पर वह उसे अपने साथ शहर ले आईं।
दंपती के घर में दो बेटियों ने जन्म लिया
इसके बाद सगी बेटी की तरह उसकी परवरिश की। 19 साल का होने पर उसकी शादी उसके जैसे ही मूक बधिर से कर दी। कोई उनका शोषण न करे इसलिए बेटी-दामाद को अपने साथ ही रख लिया। तब मूक-बधिर दंपती के घर में दो बेटियों ने जन्म लिया। छात्रा के मामा-मामी भी उसी घर में रहते हैं।