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...तो चोरी कर ले जाई जा रही थी बाइक
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हरदोई। स्टेशन से कुछ दूरी पर ट्रैक पर बाइक रखे जाने के मामले में आरपीएफ के साथ ही पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। अभी तक जो तथ्य सामने आए हैं उसके मुताबिक बाइक मोहल्ला चांदमारी निवासी रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मी की है। रिटायर्डकर्मी के मुताबिक बाइक घर के बाहर निष्प्रयोज हालत में खड़ी थी। सोमवार की रात बाइक उसके घर से चोरी हो गई थी। हालांकि आरपीएफ इस मामले में अभी कुछ भी बोलने से बच रही है।
सोमवार की रात हरदोई स्टेशन से 200 मीटर आगे अप ट्रैक पर किसी ने पुरानी बाइक रख दी थी। अप ट्रैक पर आई दिल्ली मेल के चालक ने ट्रैक पर संदिग्ध चीज पड़ी देख ट्रेन रोक दी थी। इससे बड़ा हादसा बच गया था। सोमवार की देर रात की आरपीएफ ने मौके पर पहुंच कर बाइक को कब्जे में ले लिया था। आरपीएफ ने बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रेल यातायात बाधित करने की कोशिश व यात्रियों की जान खतरे में डालने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
सूत्रों की माने तो पुलिस रजिस्ट्रेशन के आधार पर शहर में रहने वाले बाइक मालिक तक पहुंच गई। जांच में पता चला है कि मालिक हिमांशू ने बाइक चार साल पहले ही चांदमारी निवासी रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी को बेच दी थी, जिसे अब तक ट्रांसफर नहीं कराया गया है। जांच में जुटी आरपीएफ और पुलिस ने सेवानिवृत्त रेलकर्मी से संपर्क साधा तो उसने पत्नी के साथ मल्लावां में होने की बात बताई। बताया कि दो दिन से मल्लावां निवासी बड़ी बेटी के घर है। घर में उसकी दो छोटी बेटियां हैं।
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सेवानिवृत्त कर्मी के मुताबिक बाइक घर के बाहर छप्पर के नीचे निष्प्रयोज हालत में खड़ी थी। सोमवार की रात किसी ने बाइक घर के बाहर चुरा ली। इसकी जानकारी उसे सुबह बेटियों से मिली। वह आने पर कार्रवाई करेगा। आरपीएफ इंस्पेक्टर योगेेेश यादव ने बताया कि पूरे जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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सोमवार की रात हरदोई स्टेशन से 200 मीटर आगे अप ट्रैक पर किसी ने पुरानी बाइक रख दी थी। अप ट्रैक पर आई दिल्ली मेल के चालक ने ट्रैक पर संदिग्ध चीज पड़ी देख ट्रेन रोक दी थी। इससे बड़ा हादसा बच गया था। सोमवार की देर रात की आरपीएफ ने मौके पर पहुंच कर बाइक को कब्जे में ले लिया था। आरपीएफ ने बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रेल यातायात बाधित करने की कोशिश व यात्रियों की जान खतरे में डालने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
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सूत्रों की माने तो पुलिस रजिस्ट्रेशन के आधार पर शहर में रहने वाले बाइक मालिक तक पहुंच गई। जांच में पता चला है कि मालिक हिमांशू ने बाइक चार साल पहले ही चांदमारी निवासी रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी को बेच दी थी, जिसे अब तक ट्रांसफर नहीं कराया गया है। जांच में जुटी आरपीएफ और पुलिस ने सेवानिवृत्त रेलकर्मी से संपर्क साधा तो उसने पत्नी के साथ मल्लावां में होने की बात बताई। बताया कि दो दिन से मल्लावां निवासी बड़ी बेटी के घर है। घर में उसकी दो छोटी बेटियां हैं।
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सेवानिवृत्त कर्मी के मुताबिक बाइक घर के बाहर छप्पर के नीचे निष्प्रयोज हालत में खड़ी थी। सोमवार की रात किसी ने बाइक घर के बाहर चुरा ली। इसकी जानकारी उसे सुबह बेटियों से मिली। वह आने पर कार्रवाई करेगा। आरपीएफ इंस्पेक्टर योगेेेश यादव ने बताया कि पूरे जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।