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नाले में गिरी बच्ची, साढ़े चार घंटे बाद मिला शव
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:23 AM IST
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फतेहपुर। थानाक्षेत्र के असहट गांव की एक बच्ची बकरी चराते-चराते तुर्की नाले तक पहुंच गई। वहां पैर फिसलने से वह नाले में गिर गई। नाले में तेज बहाव के चलते वह यमुना नदी में गुम हो गई। स्थानीय मल्लाहों ने करीब साढ़े चार घंटे बाद बच्ची को एक किलोमीटर दूर ढूंढ निकाला। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस पूरी कवायद में पुलिस व प्रशासनिक स्तर से कोई प्रयास न होने से लोगों में नाराजगी देखी गई।
असहट गांव निवासी मुन्ना निषाद की बेटी रोशनी(12) दोपहर में बकरी चराने निकली थी। वह लगभग दो बजे बकरी चराते-चराते तुर्की नाले तक पहुंच गई। गांव के कई लोग आसपास खेतों में काम कर रहे थे। रात में और सुबह से हो रही बारिश के चलते तुर्की नाले में बहाव तेज था। नाले के नीचे की ओर बकरी को जाता देख रोशनी उसे बचाने पहुंची। मिट्टी धसकने से उसका पैर फिसल गया। इससे वह नाले में जा गिरी।
वह नाले में बहने लगी। बहाव 300 मीटर दूरी पर बह रही यमुना नदी की ओर था। रोशनी की चीख और आसपास के बच्चों के चिल्लाने पर लोग दौड़कर पहुंचे। यह गहरे नाले में डंडे और नाव के सहारे खोजबीन करते रहे। पूरा नाला खोज डाला गया लेकिन बच्ची नहीं मिली। यमुना नदी में निषाद बिरादरी के तमाम लोग जाल व नाव लेकर उतरे।
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शाम लगभग साढ़े छह बजे के करीब दूसरे नाले दमहा के मुहाने पर रोशनी झाड़ियों में फंसी मिली। उसकी मौत हो चुकी थी। शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। तुर्की नाले में किशनपुर और असहट गांव का पानी बहता है। यह करीब की यमुना नदी में मिल जाता है। बारिश के चलते नाले में बहाव तेज हो गया था।
- बकरी चराते समय पैर फिसलने से हुआ हादसा
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असहट गांव निवासी मुन्ना निषाद की बेटी रोशनी(12) दोपहर में बकरी चराने निकली थी। वह लगभग दो बजे बकरी चराते-चराते तुर्की नाले तक पहुंच गई। गांव के कई लोग आसपास खेतों में काम कर रहे थे। रात में और सुबह से हो रही बारिश के चलते तुर्की नाले में बहाव तेज था। नाले के नीचे की ओर बकरी को जाता देख रोशनी उसे बचाने पहुंची। मिट्टी धसकने से उसका पैर फिसल गया। इससे वह नाले में जा गिरी।
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वह नाले में बहने लगी। बहाव 300 मीटर दूरी पर बह रही यमुना नदी की ओर था। रोशनी की चीख और आसपास के बच्चों के चिल्लाने पर लोग दौड़कर पहुंचे। यह गहरे नाले में डंडे और नाव के सहारे खोजबीन करते रहे। पूरा नाला खोज डाला गया लेकिन बच्ची नहीं मिली। यमुना नदी में निषाद बिरादरी के तमाम लोग जाल व नाव लेकर उतरे।
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शाम लगभग साढ़े छह बजे के करीब दूसरे नाले दमहा के मुहाने पर रोशनी झाड़ियों में फंसी मिली। उसकी मौत हो चुकी थी। शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। तुर्की नाले में किशनपुर और असहट गांव का पानी बहता है। यह करीब की यमुना नदी में मिल जाता है। बारिश के चलते नाले में बहाव तेज हो गया था।
- बकरी चराते समय पैर फिसलने से हुआ हादसा