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घोटाले के आरोपियों को बचाने का प्रयास
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:59 PM IST
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बीघापुर (उन्नाव)। विकासखंड बीघापुर की ग्राम पंचायत मगरायर में सरकारी धन के दुरुपयोग होने की बात सिद्ध होने के बाद भी ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी व तकनीकी सहायक के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जा सकी है। वहीं ग्राम प्रधान के अनुरोध पर अब मामले की दोबारा जांच के आदेश जारी होने से शिकायतकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं।
ब्लाक की ग्राम पंचायत मगरायर में मनरेगा कार्य में हुए घपले की शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता संजीव मिश्रा, बबलू पांडेय, कपिल तिवारी व सिद्ध किशोर कुशवाहा ने अधिकारियों से की थी। जिसकी जांच मनरेगा उपायुक्त शेषमणि सिंह व डीआरडीए के अवर अभियंता इनायत करीम ने की थी।
मामले में दोनों अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में मगरायर के मजरा शिवदीन खेड़ा के नाले में 77,228 रुपये का दुरुपयोग पाया गया था। वहीं रामसगरा तालाब में 1,45165 रुप का दुरुपयोग मिला था। अधिकारियों ने 24 मई को जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को दी थी।
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शिकायत कर्ताओं का कहना है रिपोर्ट मिलने के बाद भी सीडीओ ने अभी तक न रिकवरी कराई है और ना ही प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। इसके विपरीत प्रधान के एक पत्र पर आरोपियों को बचाने के लिए अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में जिला उपायुक्त एनआरएलएम व परियोजना अधिकारी नेडा की तीन सदस्यीय टीम दोबारा जांच के लिए गठित की है।
शिकायत कर्ताओं का आरोप है इस घपले में दोषियों के नाम उजागर होने के बाद अब उनको बचाने के लिए दोबारा जांच करवाई जा रही है। इस बारे में मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि आरोपियों की मांग पर मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए गए हैं।
-मगरायर ग्राम पंचायत में लाखों रुपये के दुरुपयोग का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
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ब्लाक की ग्राम पंचायत मगरायर में मनरेगा कार्य में हुए घपले की शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता संजीव मिश्रा, बबलू पांडेय, कपिल तिवारी व सिद्ध किशोर कुशवाहा ने अधिकारियों से की थी। जिसकी जांच मनरेगा उपायुक्त शेषमणि सिंह व डीआरडीए के अवर अभियंता इनायत करीम ने की थी।
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मामले में दोनों अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में मगरायर के मजरा शिवदीन खेड़ा के नाले में 77,228 रुपये का दुरुपयोग पाया गया था। वहीं रामसगरा तालाब में 1,45165 रुप का दुरुपयोग मिला था। अधिकारियों ने 24 मई को जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को दी थी।
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शिकायत कर्ताओं का कहना है रिपोर्ट मिलने के बाद भी सीडीओ ने अभी तक न रिकवरी कराई है और ना ही प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। इसके विपरीत प्रधान के एक पत्र पर आरोपियों को बचाने के लिए अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में जिला उपायुक्त एनआरएलएम व परियोजना अधिकारी नेडा की तीन सदस्यीय टीम दोबारा जांच के लिए गठित की है।
शिकायत कर्ताओं का आरोप है इस घपले में दोषियों के नाम उजागर होने के बाद अब उनको बचाने के लिए दोबारा जांच करवाई जा रही है। इस बारे में मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि आरोपियों की मांग पर मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए गए हैं।
-मगरायर ग्राम पंचायत में लाखों रुपये के दुरुपयोग का मामला
अमर उजाला ब्यूरो