{"_id":"5c645d3fbdec2273ed39bcb2","slug":"111550081343-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चारा नहीं होने से भूख से व्याकुल गोवंश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चारा नहीं होने से भूख से व्याकुल गोवंश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। भरथना क्षेत्र मौजा पालीकलां के ग्राम घमुरिया के पास स्थित गोशाला अव्यवस्था का शिकार बनी है। इसके कारण आधा सैकड़ा से अधिक गोवंशों का जीवन संकट से घिरा हुआ है। गोशाला में अब तक कई गौवंशों के मरने की चर्चा जोरों पर है।
गोशाला में मौजूद तकरीबन आधा सैकड़ा से अधिक गोवंशों के खाने के लिये भूसा इत्यादि की व्यवस्था उचित न होने के कारण कई गोवंश भुखमरी व बीमारी से ग्रसित होते जा रहे हैं। आसपास ग्रामीणों में अब तक कई गौवंशों के मरने की चर्चायें जोरों पर हैं।
इस संबंध में ग्राम प्रधान सहदेव सिंह का कहना है कि शासन से गोशाला की देखभाल के लिये पर्याप्त धन का अभाव रहा है। जबकि उपजिलाधिकारी नन्दप्रकाश मौर्य ने ग्रामीण क्षेत्र में स्थित गौशाला की देखभाल का दायित्व ग्राम प्रधान का बताया। उन्होंने अगर कोई भी गोवंश की तबियत खराब होती है तो इसकी सूचना भी प्रधान को प्रशासनिक अधिकारियों को देनी है। लेकिन अभी तक उनको अव्यवस्था या गोवंशों के मरने की सूचना नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोशाला में मौजूद तकरीबन आधा सैकड़ा से अधिक गोवंशों के खाने के लिये भूसा इत्यादि की व्यवस्था उचित न होने के कारण कई गोवंश भुखमरी व बीमारी से ग्रसित होते जा रहे हैं। आसपास ग्रामीणों में अब तक कई गौवंशों के मरने की चर्चायें जोरों पर हैं।
विज्ञापन
इस संबंध में ग्राम प्रधान सहदेव सिंह का कहना है कि शासन से गोशाला की देखभाल के लिये पर्याप्त धन का अभाव रहा है। जबकि उपजिलाधिकारी नन्दप्रकाश मौर्य ने ग्रामीण क्षेत्र में स्थित गौशाला की देखभाल का दायित्व ग्राम प्रधान का बताया। उन्होंने अगर कोई भी गोवंश की तबियत खराब होती है तो इसकी सूचना भी प्रधान को प्रशासनिक अधिकारियों को देनी है। लेकिन अभी तक उनको अव्यवस्था या गोवंशों के मरने की सूचना नहीं मिली है।
विज्ञापन