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एडीओ, बीडीओ की लापरवाही से गिरी गाज
Updated Sat, 30 Sep 2017 12:11 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। प्रधानमंत्री आवास योजना में सरकार के सख्त रुख को प्रशासनिक अधिकारी भांप नहीं सके। वर्ष 2017-18 में चयनित लाभार्थियों के खातों में प्रथम किश्त की धनराशि तो भेज दी गई। लेकिन योजना की प्रगति से हाईकमान को अवगत नहीं कराया। ब्लॉक मुख्यालयों से प्रगति रिपोर्ट व आवास निर्माण के फोटो जियो टैगिंग पर अपलोड नहीं हुए। इस कारण समीक्षा बैठक में मामला पकड़ में आने के बाद पीडी पर निलंबन की गाज गिरी। प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। रामनवमी व दशहरे का अवकाश घोषित होने के बावजूद शुक्रवार को विकास भवन का दफ्तर खोलकर कार्य निपटाया गया।
विदित हो कि पिछले माह प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए गांव-गांव पात्र लाभार्थियों की सूची की वाल पेटिंग कराई। ताकि ग्रामों में आवास दिलाने के नाम पर धन उगाही करने वाले दलालों पर नकेल कसी जा सके। आवास के नाम पर ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी के रुपये मांगने के लिए परियोजना निदेशक, जिलाधिकारी, सीडीओ के नंबर भी लिखाए गए। इस कार्रवाई को प्रशासन ने हल्के में लिया। वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास का लक्ष्य 5308 निर्धारित हुआ था। इन आवासों की धनराशि पात्रों के खातों में ट्रांसफर हो चुकी है। आवास निर्माण का काम अंतिम चरण में है। जिनके फोटो जियो टैगिंग पर लगभग अपलोड हो चुके हैं। वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास के लिए 3087 का लक्ष्य आया। इसमें 324 लाभार्थियों के खाते में प्रथम किश्त की धनराशि ट्रांसफर कर दी गई, लेकिन ब्लॉक मुख्यालयों से आवास की प्रगति की फोटो जियो टैगिंग पर अपलोड नहीं कराए जा सके। मुख्य विकास अधिकारी अवधेश बहादुर सिंह का कहना है कि खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह तत्काल प्रगति की फोटो अपलोड कराएं। अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
एडीओ, बीडीओ की लापरवाही से गिरी गाज
-कन्नौज के परियोजना निदेशक के निलंबन का मामला
-जियो टैगिंग पर प्रधानमंत्री आवास योजना के फोटो अपलोड न होने पर हुई कार्रवाई
-कार्रवाई के बाद हरकत में आया विकास महकमा, अवकाश के दिन दफ्तर खोलकर कराया गया काम
कन्नौज। प्रधानमंत्री आवास योजना में सरकार के सख्त रुख को प्रशासनिक अधिकारी भांप नहीं सके। वर्ष 2017-18 में चयनित लाभार्थियों के खातों में प्रथम किश्त की धनराशि तो भेज दी गई। लेकिन योजना की प्रगति से हाईकमान को अवगत नहीं कराया। ब्लॉक मुख्यालयों से प्रगति रिपोर्ट व आवास निर्माण के फोटो जियो टैगिंग पर अपलोड नहीं हुए। इस कारण समीक्षा बैठक में मामला पकड़ में आने के बाद पीडी पर निलंबन की गाज गिरी। प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। रामनवमी व दशहरे का अवकाश घोषित होने के बावजूद शुक्रवार को विकास भवन का दफ्तर खोलकर कार्य निपटाया गया।
विदित हो कि पिछले माह प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए गांव-गांव पात्र लाभार्थियों की सूची की वाल पेटिंग कराई। ताकि ग्रामों में आवास दिलाने के नाम पर धन उगाही करने वाले दलालों पर नकेल कसी जा सके। आवास के नाम पर ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी के रुपये मांगने के लिए परियोजना निदेशक, जिलाधिकारी, सीडीओ के नंबर भी लिखाए गए। इस कार्रवाई को प्रशासन ने हल्के में लिया। वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास का लक्ष्य 5308 निर्धारित हुआ था। इन आवासों की धनराशि पात्रों के खातों में ट्रांसफर हो चुकी है। आवास निर्माण का काम अंतिम चरण में है। जिनके फोटो जियो टैगिंग पर लगभग अपलोड हो चुके हैं। वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास के लिए 3087 का लक्ष्य आया। इसमें 324 लाभार्थियों के खाते में प्रथम किश्त की धनराशि ट्रांसफर कर दी गई, लेकिन ब्लॉक मुख्यालयों से आवास की प्रगति की फोटो जियो टैगिंग पर अपलोड नहीं कराए जा सके। मुख्य विकास अधिकारी अवधेश बहादुर सिंह का कहना है कि खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह तत्काल प्रगति की फोटो अपलोड कराएं। अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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एडीओ, बीडीओ की लापरवाही से गिरी गाज
-कन्नौज के परियोजना निदेशक के निलंबन का मामला
-जियो टैगिंग पर प्रधानमंत्री आवास योजना के फोटो अपलोड न होने पर हुई कार्रवाई
-कार्रवाई के बाद हरकत में आया विकास महकमा, अवकाश के दिन दफ्तर खोलकर कराया गया काम