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यूनिवर्सिटी ने 1100 स्टूडेंट के रिजल्ट रोके
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 12 May 2015 02:21 AM IST
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी ने सरकारी फीस (शुल्क प्रतिपूर्ति) न मिलने और उसके बाद पूरी फीस न जमा करने वाले सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी के 1100 स्टूडेंट के रिजल्ट रोक दिए हैं। ये स्टूडेंट यूनिवर्सिटी कैंपस के हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन स्टूडेंट्स को नोटिस दिए हैं।
इसमें कहा है कि फीस जमा कराने के बाद ही रिजल्ट घोषित होंगे। इससे स्टूडेंट परेशान हैं। यूनिवर्सिटी कैंपस के स्टूडेंट्स को शैक्षिक सत्र 2014-15 की सरकारी फीस नहीं मिली है। इस कारण जीरो बैलेंस और कम फीस देकर एडमिशन लेने वाले स्टूडेेंट्स के रिजल्ट रोके गए हैं।
रजिस्ट्रार सैय्यद वकार हुसैन ने बताया कि स्टूडेंट से पूरी फीस जमा कराने के बाद ही रिजल्ट घोषित किए जाएंगे। नियम के हिसाब से ही एडमिशन दिए गए थे। इसके बावजूद पूरी फीस नहीं मिली है। यह अनुदानित यूनिवर्सिटी है लेकिन शासन से बजट नहीं लिया जाता है।
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सारा खर्च आंतरिक आय से चलता है। इसमें फीस का बड़ा योगदान होता है। इसलिए बिना फीस जमा कराए रिजल्ट घोषित नहीं किया जा सकता है। दूसरी तरफ स्टूडेंट का कहना है कि सरकारी फीस शासन से मिलती है। यह फीस अभी तक नहीं आई है। इसकी जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग को लेनी चाहिए।
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इसमें कहा है कि फीस जमा कराने के बाद ही रिजल्ट घोषित होंगे। इससे स्टूडेंट परेशान हैं। यूनिवर्सिटी कैंपस के स्टूडेंट्स को शैक्षिक सत्र 2014-15 की सरकारी फीस नहीं मिली है। इस कारण जीरो बैलेंस और कम फीस देकर एडमिशन लेने वाले स्टूडेेंट्स के रिजल्ट रोके गए हैं।
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रजिस्ट्रार सैय्यद वकार हुसैन ने बताया कि स्टूडेंट से पूरी फीस जमा कराने के बाद ही रिजल्ट घोषित किए जाएंगे। नियम के हिसाब से ही एडमिशन दिए गए थे। इसके बावजूद पूरी फीस नहीं मिली है। यह अनुदानित यूनिवर्सिटी है लेकिन शासन से बजट नहीं लिया जाता है।
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सारा खर्च आंतरिक आय से चलता है। इसमें फीस का बड़ा योगदान होता है। इसलिए बिना फीस जमा कराए रिजल्ट घोषित नहीं किया जा सकता है। दूसरी तरफ स्टूडेंट का कहना है कि सरकारी फीस शासन से मिलती है। यह फीस अभी तक नहीं आई है। इसकी जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग को लेनी चाहिए।