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इटावा: दंपती संग 11 माह की बच्ची भी कोरोना पॉजिटिव, आगरा से 70 मरीजों के साथ सैफई भेजी गई थी बच्ची
Sun, 26 Apr 2020 01:45 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 26 Apr 2020 01:45 AM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
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इटावा में आगरा के कोरोना पॉजिटिव दंपति के साथ भेजी गई उनकी 11 महीने की बच्ची भी पॉजिटिव मिली है। इस बच्ची को निगेटिव बताकर कोई देखभाल के लिए नहीं होने के कारण सैफई पीजीआई भेजा गया था। आगरा के पारस अस्पताल में भर्ती 70 कोरोना मरीजों को 23 अप्रैल को सैफई पीजीआई भेजा गया था।
इन मरीजों में एक दंपति शामिल है। उसके साथ अस्पताल से उनकी 11 महीने की बच्ची भी भेजी गई थी। बच्ची कोरोना पॉजिटिव नहीं थी। परिवार में उसकी देखभाल के लिए कोई सदस्य न होने के कारण माता-पिता के अनुरोध पर बच्ची को पहले पारस अस्पताल में रखा गया फिर पीजीआई भेज दिया गया।
पीजीआई के कुलपति प्रो. डॉ. राजकुमार ने बताया कि शुक्रवार को बच्ची का सैंपल भेजा गया था। शनिवार को आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव बताई गई है। कुलपति ने बताया कि बच्ची को निगेटिव बताकर यहां भेजा गया था।
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पीजीआई प्रशासन ये चाहता था कि बच्ची अगर निगेटिव है तो उसे किसी रिश्तेदार के सुपुर्द कर दिया जाए, ताकि वह संक्रमित न हो लेकिन अब वह पॉजिटिव आई है। इसलिए उसका भी इलाज उसके माता पिता व अन्य मरीजों के साथ किया जाएगा। कुलपति ने बताया कि पीजीआई में अब 72 कोरोना मरीज हो गए हैं।
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इन मरीजों में एक दंपति शामिल है। उसके साथ अस्पताल से उनकी 11 महीने की बच्ची भी भेजी गई थी। बच्ची कोरोना पॉजिटिव नहीं थी। परिवार में उसकी देखभाल के लिए कोई सदस्य न होने के कारण माता-पिता के अनुरोध पर बच्ची को पहले पारस अस्पताल में रखा गया फिर पीजीआई भेज दिया गया।
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पीजीआई के कुलपति प्रो. डॉ. राजकुमार ने बताया कि शुक्रवार को बच्ची का सैंपल भेजा गया था। शनिवार को आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव बताई गई है। कुलपति ने बताया कि बच्ची को निगेटिव बताकर यहां भेजा गया था।
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पीजीआई प्रशासन ये चाहता था कि बच्ची अगर निगेटिव है तो उसे किसी रिश्तेदार के सुपुर्द कर दिया जाए, ताकि वह संक्रमित न हो लेकिन अब वह पॉजिटिव आई है। इसलिए उसका भी इलाज उसके माता पिता व अन्य मरीजों के साथ किया जाएगा। कुलपति ने बताया कि पीजीआई में अब 72 कोरोना मरीज हो गए हैं।