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अनजान बुखार से जा रहीं जानें: 11 मौतें और 300 लोग बीमार, अब तक पता नहीं चली कुरसौली गांव की बीमारी
Mon, 20 Sep 2021 01:29 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 20 Sep 2021 01:29 AM IST
सार
रोगियों की जान लेने वाले अंजान बुखार के अलावा कुरसौली में डेंगू और टायफाइड के रोगी भी बढ़ रहे हैं। घरों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
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घरों में कराया जा रहा एंटी लार्वा का छिड़काव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में कल्याणपुर ब्लॉक के कुरसौली गांव में बुखार से 11 मौतें हो गईं और तीन सौ लोग बीमारी की चपेट में हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग अभी तक यह पता नहीं लगा पाया कि इस गांव में कौन सी बीमारी फैली है। पीड़ित लोगों का कहना है कि लाखों रुपये वसूलने के बाद भी निजी अस्पताल वाले यह नहीं बता रहे कि बीमारी कौन सी है।
स्वास्थ्य विभाग भी पता नहीं कर रहा है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ भी गांव नहीं गए और स्वास्थ्य विभाग ने कोई विशेषज्ञ टीम गठित नहीं की। कुरसौली गांव में फॉगिंग भी हो गई और छिड़काव भी कराया जा रहा है लेकिन अंजान बुखार की चपेट में कोई न कोई रोज आ रहा है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने अपने विशेषज्ञों को रोग पता करने के लिए फिरोजाबाद तो भेज दिया लेकिन बगल में स्थित कुरसौली में किसी को नहीं भेजा। यह तो पता लगे कि बीमारी कौन सी है? स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने लैप्टोस्पायरोसिस का शक जताया है लेकिन अभी तक पानी की सैंपलिंग कराकर जांच नहीं कराई गई।
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स्वास्थ्य विभाग भी पता नहीं कर रहा है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ भी गांव नहीं गए और स्वास्थ्य विभाग ने कोई विशेषज्ञ टीम गठित नहीं की। कुरसौली गांव में फॉगिंग भी हो गई और छिड़काव भी कराया जा रहा है लेकिन अंजान बुखार की चपेट में कोई न कोई रोज आ रहा है।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने अपने विशेषज्ञों को रोग पता करने के लिए फिरोजाबाद तो भेज दिया लेकिन बगल में स्थित कुरसौली में किसी को नहीं भेजा। यह तो पता लगे कि बीमारी कौन सी है? स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने लैप्टोस्पायरोसिस का शक जताया है लेकिन अभी तक पानी की सैंपलिंग कराकर जांच नहीं कराई गई।
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आईआईटी भी इसी ब्लॉक में आता है। इसके अलावा कुछ विशेषज्ञ स्क्रब टाइफस का शक जता रहे हैं, उसके लिए भी स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग नहीं कराई। टाइफस की जांच मेडिकल कालेज में नहीं है लेकिन शहर की पैथोलॉजियां इसकी जांच करा देती हैं। सीएमओ कार्यालय से भी इस संबंध में कोई पत्र मेडिकल कालेज नहीं भेजा गया है। आईएमए ने भी अपनी टीम वहां नहीं भेजी। इससे गांववालों में रोष है और घबराकर पलायन कर रहे हैं।
जिम्मेदार बोले
हम कुरसौली के पानी का सैंपल जांच के लिए भिजवा देंगे। लैप्टो की भी जांच कराएंगे। टीम के लिए मेडिकल कालेज के प्राचार्य से बात करेंगे। वैसे 24 घंटे मेडिकल कैंप लगाया जा रहा है। - डॉ. नैपाल सिंह, सीएमओ
हम शासन के निर्देश पर टीम भेज सकते हैं। मेडिकल कालेज पर वैसे ही बहुत लोड है। स्वास्थ्य विभाग उर्सला, कांशीराम अस्पताल के डाक्टरों की टीम भेज सकता है। - प्रोफेसर (डॉ.) संजय काला, प्राचार्य जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
जिम्मेदार बोले
हम कुरसौली के पानी का सैंपल जांच के लिए भिजवा देंगे। लैप्टो की भी जांच कराएंगे। टीम के लिए मेडिकल कालेज के प्राचार्य से बात करेंगे। वैसे 24 घंटे मेडिकल कैंप लगाया जा रहा है। - डॉ. नैपाल सिंह, सीएमओ
हम शासन के निर्देश पर टीम भेज सकते हैं। मेडिकल कालेज पर वैसे ही बहुत लोड है। स्वास्थ्य विभाग उर्सला, कांशीराम अस्पताल के डाक्टरों की टीम भेज सकता है। - प्रोफेसर (डॉ.) संजय काला, प्राचार्य जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
कुरसौली में डेंगू के 30 मरीज
रोगियों की जान लेने वाले अंजान बुखार के अलावा कुरसौली में डेंगू और टायफाइड के रोगी भी बढ़ रहे हैं। रविवार को कुरसौली में डेंगू रोगियों की संख्या 30 हो गई और एक रोगी में टायफाइड की पुष्टि हुई है।
कुरसौली के लोगों ने हैलट जाने से मना किया तो सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह ने रोगियों को उर्सला में भर्ती कराया है। घरों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। उर्सला में भर्ती आकांक्षा अवस्थी (24), आदित्य अवस्थी (11) और प्रियंका गौतम की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है।
रोगियों की जान लेने वाले अंजान बुखार के अलावा कुरसौली में डेंगू और टायफाइड के रोगी भी बढ़ रहे हैं। रविवार को कुरसौली में डेंगू रोगियों की संख्या 30 हो गई और एक रोगी में टायफाइड की पुष्टि हुई है।
कुरसौली के लोगों ने हैलट जाने से मना किया तो सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह ने रोगियों को उर्सला में भर्ती कराया है। घरों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। उर्सला में भर्ती आकांक्षा अवस्थी (24), आदित्य अवस्थी (11) और प्रियंका गौतम की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है।
इसके अलावा सुशील तिवारी और महेंद्र प्रजापति भी बुखार की चपेट में हैं। सुशील टायफाइड पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके पहले भी गांव के सात लोगों में टायफाइड की पुष्टि हुई थी। गांव के 22 रोगी निजी नर्सिंगहोम में भर्ती हैं।
सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी एके सिंह ने कुरसौली पहुंचकर घरों में दवा का छिड़काव कराया। बीमार लोगों को दवा दी। इस मौके पर राजस्व विभाग के कर्मचारी और ग्राम प्रधान मौजूद रहे। सीएचसी प्रभारी डॉ. अविनाश यादव ने बताया कि अब तक 30 रोगियों को डेंगू पुष्टि हुई है।
सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी एके सिंह ने कुरसौली पहुंचकर घरों में दवा का छिड़काव कराया। बीमार लोगों को दवा दी। इस मौके पर राजस्व विभाग के कर्मचारी और ग्राम प्रधान मौजूद रहे। सीएचसी प्रभारी डॉ. अविनाश यादव ने बताया कि अब तक 30 रोगियों को डेंगू पुष्टि हुई है।
कुरसौली में डेथ ऑडिट करेगी कमेटी
कुरसौली में बुखार के रोगियों की मौत का ऑडिट होगा। यह पता किया जाएगा कि जब इन रोगियों को डेंगू, मलेरिया नहीं था तो मौत किन कारणों से हुई है। कुरसौली के सभी रोगियों की मौत निजी अस्पतालों में हुई है। इसके लिए कमेटी ने अपना कार्य शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह के अंदर कमेटी शासन को रिपोर्ट भेजेगी। डेथ ऑडिट कमेटी में पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. राधेश्याम, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ. जितेंद्र और बालरोग विशेषज्ञ डॉ. नीलेश शामिल हैं। एसीएमओ डॉ. सुबोध प्रकाश ने बताया कि कमेटी ने निजी अस्पतालों को पत्र भेजकर सारा ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है।
कुरसौली में बुखार के रोगियों की मौत का ऑडिट होगा। यह पता किया जाएगा कि जब इन रोगियों को डेंगू, मलेरिया नहीं था तो मौत किन कारणों से हुई है। कुरसौली के सभी रोगियों की मौत निजी अस्पतालों में हुई है। इसके लिए कमेटी ने अपना कार्य शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह के अंदर कमेटी शासन को रिपोर्ट भेजेगी। डेथ ऑडिट कमेटी में पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. राधेश्याम, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ. जितेंद्र और बालरोग विशेषज्ञ डॉ. नीलेश शामिल हैं। एसीएमओ डॉ. सुबोध प्रकाश ने बताया कि कमेटी ने निजी अस्पतालों को पत्र भेजकर सारा ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है।