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Kanpur News: कोल्ड स्टोर में 1000 किसानों ने रखा आलू, अनुदान के लिए 13 ने कराया पंजीयन
Thu, 10 Sep 2026 01:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 10 Sep 2026 01:35 AM IST
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कानपुर देहात। बाजार में आलू का भाव गिरने पर किसानों की नुकसान भरपाई के लिए सरकार ने अनुदान योजना लागू की है। इसमें भंडारण शुल्क में प्रति क्विंटल 100 रुपये का अनुदान है। जनपद में करीब 1000 किसानों ने आलू भंडारण किया है लेकिन अब तक केवल 13 किसानों ने अनुदान के लिए पंजीकरण कराया है।
जनपद में 10 को कोल्ड स्टोर (शीतगृह) हैं। मौजूदा समय में आलू का भाव गिर गया है। फुटकर में करीब 10 रुपये किलो आलू है। इसकी वजह से किसान कोल्ड स्टोर में भंडारित आलू नहीं निकाल रहे हैं। कोल्ड स्टोर से आलू की निकासी तेज कराने के लिए किसानों को राहत के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना शुरू की गई है।
उद्यान विभाग की ओर से आलू भंडार प्रभार में छूट और बाजार भाव गिरने की स्थिति में पात्र आलू उत्पादक किसानों को प्रति क्विंटल 100 रुपये अनुदान की योजना है। इसमें पंजीयन की अंतिम तिथि 31 सितंबर है। करीब 1000 किसानों का आलू कोल्ड स्टोर में भंडारित है। वहीं अब तक केवल 13 किसानों ने ही अनुदान के लिए पंजीयन कराया है।
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जिला उद्यान अधिकारी डॉ. बल्देव प्रसाद ने बुधवार को रसूलाबाद क्षेत्र में कोल्ड स्टोरों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि आलू किसानों को राहत देने के लिए भंडार प्रभार पर अनुदान की योजना शुरू की गई है। आलू उत्पादक किसानों को अधिकतम 200 क्विंटल या 20000 रुपये तक अनुदान देय है। योजना के लिए अधिकतम क्षेत्रफल दो हेक्टेयर है। ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले किसानों को भंडार प्रभार पर अनुदान के अलावा विभागीय आलू बीज पर मिलने वाल अनुदान का लाभ भी प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर मिल सकेगा।
शासन की ओर से जिले को 32 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय या संबंधित शीतगृह में जाकर जानकारी कर सकते हैं। पोर्टल www.potato.uphorticulture.in पर किसान पंजीकरण करा सकते हैं। खसरा खतौनी, आधार सीडेड मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक अथवा निरस्त चेकबुक की छायाप्रति तथा आलू भंडारण (तकपट्टी) निकासी एवं विक्रय रसीदें को अपलोड किया जाना आवश्यक है। आवेदन के बाद संबंधित कोल्ड स्टोर द्वारा आवेदन का परीक्षण कर आगे फारवर्ड किया जाएगा। इसके बाद जिला उद्यान अधिकारी की ओर से अनुमन्य लाभ डीबीटी के जरिये किसानों को सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा।
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जनपद में 10 को कोल्ड स्टोर (शीतगृह) हैं। मौजूदा समय में आलू का भाव गिर गया है। फुटकर में करीब 10 रुपये किलो आलू है। इसकी वजह से किसान कोल्ड स्टोर में भंडारित आलू नहीं निकाल रहे हैं। कोल्ड स्टोर से आलू की निकासी तेज कराने के लिए किसानों को राहत के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना शुरू की गई है।
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उद्यान विभाग की ओर से आलू भंडार प्रभार में छूट और बाजार भाव गिरने की स्थिति में पात्र आलू उत्पादक किसानों को प्रति क्विंटल 100 रुपये अनुदान की योजना है। इसमें पंजीयन की अंतिम तिथि 31 सितंबर है। करीब 1000 किसानों का आलू कोल्ड स्टोर में भंडारित है। वहीं अब तक केवल 13 किसानों ने ही अनुदान के लिए पंजीयन कराया है।
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जिला उद्यान अधिकारी डॉ. बल्देव प्रसाद ने बुधवार को रसूलाबाद क्षेत्र में कोल्ड स्टोरों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि आलू किसानों को राहत देने के लिए भंडार प्रभार पर अनुदान की योजना शुरू की गई है। आलू उत्पादक किसानों को अधिकतम 200 क्विंटल या 20000 रुपये तक अनुदान देय है। योजना के लिए अधिकतम क्षेत्रफल दो हेक्टेयर है। ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले किसानों को भंडार प्रभार पर अनुदान के अलावा विभागीय आलू बीज पर मिलने वाल अनुदान का लाभ भी प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर मिल सकेगा।
शासन की ओर से जिले को 32 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय या संबंधित शीतगृह में जाकर जानकारी कर सकते हैं। पोर्टल www.potato.uphorticulture.in पर किसान पंजीकरण करा सकते हैं। खसरा खतौनी, आधार सीडेड मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक अथवा निरस्त चेकबुक की छायाप्रति तथा आलू भंडारण (तकपट्टी) निकासी एवं विक्रय रसीदें को अपलोड किया जाना आवश्यक है। आवेदन के बाद संबंधित कोल्ड स्टोर द्वारा आवेदन का परीक्षण कर आगे फारवर्ड किया जाएगा। इसके बाद जिला उद्यान अधिकारी की ओर से अनुमन्य लाभ डीबीटी के जरिये किसानों को सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा।