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100 गरीब मेधावियों ने जेईई मेंस में पाई सफलता, रुला देगी इनके संघर्ष की कहानी
Fri, 10 May 2019 05:18 PM IST
शिखा पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 10 May 2019 05:18 PM IST
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मेधावियों ने जेईई मेंस में पाई सफलता
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में गेल-उत्कर्ष सुपर 100 के आर्थिक रूप से कमजोर सभी सौ बच्चे जेईई मेंस में बेहतरीन प्रदर्शन कर जेईई एडवांस की ओर बढ़ चुके हैं। परिणाम 29 अप्रैल को आया था। प्रोजेक्ट मैनेजर मार्क क्रिस्टोफर ने बताया कि गरीब मेधावी बच्चों को नि:शुल्क आवासीय कोचिंग की सुविधा दी जाती है।
पिता पंक्चर ठीक करते, बेटी ने पाए 98.75 पर्सेंटाइल
फतेहपुर के अमौली में पंक्चर की दुकान लगाने वाले आशीष सोनी ने कभी सोचा भी न होगा कि बेटी अश्विनी एयरोस्पेस इंजीनियर बनने का सपना देख सकती है। खुद की खाली जेब उनकी बेटी के सपने में रोड़ा थी। गेल उत्कर्ष सुपर 100 की कोचिंग मिलने के बाद पहले ही प्रयास में जेईई मेंस में 98.75 पर्सेंटाइल हासिल करने वाली अश्विनी कहती हैं कि परिवार ने कभी हिम्मत नहीं हारने दी।
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पिता पंक्चर ठीक करते, बेटी ने पाए 98.75 पर्सेंटाइल
फतेहपुर के अमौली में पंक्चर की दुकान लगाने वाले आशीष सोनी ने कभी सोचा भी न होगा कि बेटी अश्विनी एयरोस्पेस इंजीनियर बनने का सपना देख सकती है। खुद की खाली जेब उनकी बेटी के सपने में रोड़ा थी। गेल उत्कर्ष सुपर 100 की कोचिंग मिलने के बाद पहले ही प्रयास में जेईई मेंस में 98.75 पर्सेंटाइल हासिल करने वाली अश्विनी कहती हैं कि परिवार ने कभी हिम्मत नहीं हारने दी।
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इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करना चाहती किसान की बेटी
इंजीनियर बनने के सपने को पूरा करने हरदोई के छोटे से गांव महंगवा से निकलकर शहर आने वाली नीतू को मेंस में 93.5 पर्सेंटाइल मिले हैं। किसान रामपाल और शिवप्यारी की बेटी नीतू अपने परिवार को खूब खुशियां देना चाहती हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने का सपना लिए नीतू जोरों से एडवांस की तैयारी कर रही हैं।
एडवांस के लिए कर रही हूं खूब मेहनत
प्राइवेट कर्मी की बेटी नैना बोलीं, मां को यह कहते सुनना बाद में ले लेंगे... छोटी-छोटी चीजों पर मन मारते देखना बहुत बुरा लगता था। जेईई मेंस में 95.8 पर्सेंटाइल हासिल करने वाली लखनऊ की विकास नगर निवासी नैना कहती हैं कि मेंस के परिणाम के बाद मेरा जोश और बढ़ गया है। एडवांस के लिए खूब मेहनत कर रही हूं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करना चाहती हूं।
इंजीनियर बनने के सपने को पूरा करने हरदोई के छोटे से गांव महंगवा से निकलकर शहर आने वाली नीतू को मेंस में 93.5 पर्सेंटाइल मिले हैं। किसान रामपाल और शिवप्यारी की बेटी नीतू अपने परिवार को खूब खुशियां देना चाहती हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने का सपना लिए नीतू जोरों से एडवांस की तैयारी कर रही हैं।
एडवांस के लिए कर रही हूं खूब मेहनत
प्राइवेट कर्मी की बेटी नैना बोलीं, मां को यह कहते सुनना बाद में ले लेंगे... छोटी-छोटी चीजों पर मन मारते देखना बहुत बुरा लगता था। जेईई मेंस में 95.8 पर्सेंटाइल हासिल करने वाली लखनऊ की विकास नगर निवासी नैना कहती हैं कि मेंस के परिणाम के बाद मेरा जोश और बढ़ गया है। एडवांस के लिए खूब मेहनत कर रही हूं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करना चाहती हूं।
प्रियंका ने इंजीनियरिंग करने को कहा तो हैरान थे परिजन
लखनऊ निवासी किसान आदर्श सचान की बेटी प्रियंका कहती हैं कि मेरे इंजीनियर बनने के सपने से ही परिवार वाले हैरान थे। जेईई मेंस में 99.82 पर्सेनटाइल मिलने पर मेरे परिवार को तो विश्वास ही नहीं हुआ । आंखों में आंसू लिए प्रियंका कहती हैं कि एक कमरे का मेरा किराये का घर है, अपने परिवार के लिए आलीशान बंगला बनाऊंगी।
लखनऊ निवासी किसान आदर्श सचान की बेटी प्रियंका कहती हैं कि मेरे इंजीनियर बनने के सपने से ही परिवार वाले हैरान थे। जेईई मेंस में 99.82 पर्सेनटाइल मिलने पर मेरे परिवार को तो विश्वास ही नहीं हुआ । आंखों में आंसू लिए प्रियंका कहती हैं कि एक कमरे का मेरा किराये का घर है, अपने परिवार के लिए आलीशान बंगला बनाऊंगी।