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मानक न पूरे करने पर एआईसीटीई ने की कार्रवाई, सीएसए में इंजीनियरिंग की 10 फीसदी सीटें घटीं
Sat, 18 May 2019 05:01 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 18 May 2019 05:01 PM IST
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर
- फोटो : गूगल
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में सत्र 2019-20 में निर्धारित सीटों से 10 फीसदी कम सीटों पर दाखिला लिया जाएगा। मानक पूरा न करने में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग की 10 फीसदी सीटों की कटौती करने की कार्रवाई की है। विवि प्रशासन ने सीट कटौती के मामले में शासन को अवगत कराने का फैसला लिया है। साथ ही नए सत्र में कम सीटों पर ही दाखिला लिया जाएगा।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कुलपति डॉ. सुशील सोलोमन की अध्यक्षता में एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई। बैठक में मुख्य रूप से सिर्फ दो बिंदुओं पर चर्चा हुई। पहला मुद्दा एआईसीटीई की ओर से की गई कार्रवाई पर विचार किया गया।
परिषद ने प्रदेश भर के तकनीकी संस्थानों में मानक को लेकर सर्वे कराया था। इसमें जो भी संस्थान मानक को पूरा करते नहीं मिले, उनमें सीट कटौती, नो-एडमिशन जैसी कार्रवाई की गई। सीएसए का इंजीनियरिंग विभाग परिषद के मानकों पर खरा नहीं उतरा। इससे विभाग की 10 फीसदी सीट कटौती की कार्रवाई की गई।
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विश्वविद्यालय प्रशासन भी मानक पूरा न करने की बात पर सहमत है। तभी काउंसिल की बैठक में फैसला लिया गया कि इस पूरे मामले से शासन को अवगत कराया जाएगा और अगले सत्र से पहले मानक को पूरा किया जाएगा। विवि के रजिस्ट्रार डॉ. कृपाशंकर ने बताया कि सत्र 2019-20 में होने वाले दाखिले में दस फीसदी कम सीटों पर ही बीटेक में प्रवेश लिया जाएगा।
एकेडमिक काउंसिल में छात्र हित में एक बड़ा फैसला लिया गया है। अब छात्र स्नातक पाठ्यक्रम में चार बार रिपीट विषय की परीक्षा दे सकेंगे। अभी तक छात्रों के पास तीन बार रिपीट परीक्षा देने का मौका रहता था। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. कृपाशंकर ने बताया कि छात्र अगर किसी विषय में फेल हो जाता है तो रिपीट परीक्षा देता है। अब छात्रों के लिए एक मौका और बढ़ा दिया गया है। इसी तरह परास्नातक पाठ्यक्रम में छात्र तीन बार रिपीट परीक्षा दे सकेंगे। अभी तक उन्हें दो बार मौका मिलता था।
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कुलपति डॉ. सुशील सोलोमन की अध्यक्षता में एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई। बैठक में मुख्य रूप से सिर्फ दो बिंदुओं पर चर्चा हुई। पहला मुद्दा एआईसीटीई की ओर से की गई कार्रवाई पर विचार किया गया।
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परिषद ने प्रदेश भर के तकनीकी संस्थानों में मानक को लेकर सर्वे कराया था। इसमें जो भी संस्थान मानक को पूरा करते नहीं मिले, उनमें सीट कटौती, नो-एडमिशन जैसी कार्रवाई की गई। सीएसए का इंजीनियरिंग विभाग परिषद के मानकों पर खरा नहीं उतरा। इससे विभाग की 10 फीसदी सीट कटौती की कार्रवाई की गई।
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विश्वविद्यालय प्रशासन भी मानक पूरा न करने की बात पर सहमत है। तभी काउंसिल की बैठक में फैसला लिया गया कि इस पूरे मामले से शासन को अवगत कराया जाएगा और अगले सत्र से पहले मानक को पूरा किया जाएगा। विवि के रजिस्ट्रार डॉ. कृपाशंकर ने बताया कि सत्र 2019-20 में होने वाले दाखिले में दस फीसदी कम सीटों पर ही बीटेक में प्रवेश लिया जाएगा।
एकेडमिक काउंसिल में छात्र हित में एक बड़ा फैसला लिया गया है। अब छात्र स्नातक पाठ्यक्रम में चार बार रिपीट विषय की परीक्षा दे सकेंगे। अभी तक छात्रों के पास तीन बार रिपीट परीक्षा देने का मौका रहता था। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. कृपाशंकर ने बताया कि छात्र अगर किसी विषय में फेल हो जाता है तो रिपीट परीक्षा देता है। अब छात्रों के लिए एक मौका और बढ़ा दिया गया है। इसी तरह परास्नातक पाठ्यक्रम में छात्र तीन बार रिपीट परीक्षा दे सकेंगे। अभी तक उन्हें दो बार मौका मिलता था।