Kanpur: आईपीएल में सट्टा खिलाने वाले 10 सटोरिये गिरफ्तार, किराये के मकान में बना रखा था सेटअप, ये सामान बरामद
Kanpur News: मुख्य आरोपी इमरान ने पांच माह पहले मंधना के नारामऊ निवासी अमन तिवारी उर्फ मोनू से पांच हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर कमरा लिया था। उसने सटोरियों को तीन से पांच प्रतिशत कमीशन पर रखा था। इमरान के साथी ऑनलाइन सट्टा खिलवाने के लिए एक ग्रुप में जुड़वाते थे।
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कानपुर में आईपीएल में ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले 10 सटोरियों को पुलिस ने मंधना के नारामऊ से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी ‘ओलाबेट, लोटस व ट्रिपल एक्स’ एप डाउनलोड कराकर सट्टा खिलवा रहे थे। पुलिस ने जब दबिश दी, तो सटोरिये कोलकाता नाइट राइडर्स व हैदराबाद की टीमों पर जीत हार की बाजी लगा रहे थे।
पुलिस ने मौके से 16,61,500 रुपये, 13 एंड्रायड मोबाइल, 11 कीपैड मोबाइल, एक लैपटॉप, कैलकुलेटर, चार चेकबुक, छह पासबुक, वीजा प्लैटिनम कार्ड, एक पासपोर्ट, पांच नोटबुक व रजिस्ट्री पेपर बरामद किए हैं। डीसीपी पश्चिम आरती सिंह ने बताया कि काकादेव निवासी मोहम्मद इमरान मुख्य आरोपी है। यह अपने साथी मोहम्मद रहीम उर्फ अयाज के साथ प्रापर्टी डीलिंग के साथ ही सट्टा भी खिलवाता है।
ये आरोपी हुए हैं गिरफ्तार
मोहम्मद इमरान पहले फोन पर सट्टा खिलवाता था, अब ऑनलाइन सट्टा खिलवाने लगा था। इनके साथियों की पहचान शिवपुरी रावतपुर निवासी चूड़ी कारोबारी रजी खान, आवास विकास निवासी मजदूर इरशाद अहमद, मसवानपुर चूड़ीवाली गली निवासी कबाड़ी मोहम्मद इरफान, रोशननगर निवासी कबाड़ी इरफान खान उर्फ बबलू, नफीस खान, मंधना का नारामऊ निवासी चूड़ी कारोबारी जनाब अली, तैय्यब अहमद, बांगर निवासी चिप्स सेल्समैन गौरव द्विवेदी के रूप में हुई है।
तीन से पांच प्रतिशत कमीशन पर रखा था
सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। एसीपी अभिषेक पांडेय ने बताया कि पकड़े गए मुख्य आरोपी इमरान ने पांच माह पहले मंधना के नारामऊ निवासी अमन तिवारी उर्फ मोनू से पांच हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर कमरा लिया था। उसने सटोरियों को तीन से पांच प्रतिशत कमीशन पर रखा था। इमरान के साथी ऑनलाइन सट्टा खिलवाने के लिए एक ग्रुप में जुड़वाते थे। इसके बाद उनसे रुपये लेकर सट्टा खेलने के लिए क्वाइन देते थे।
क्वाइन देकर खिलवाते हैं सट्टा
एसीपी के अनुसार, सटोरिये ऑनलाइन सट्टा लगाने के लिए पहले एप डाउनलोड करते थे, जिससे एप ब्लिंक करने लगता है। इसके बाद रुपये जमा करने के बाद क्वाइन देते हैं। सट्टा खेलने वाले के जब तक क्वाइन रहते हैं, तब तक वह रुपये लगा सकता है। क्वाइन समाप्त होते ही दोबारा रुपये लेकर क्वाइन देते थे। सटोरिये स्कोर, बॉल, रन और रन आउट व विकेट पर भी अलग-अलग सट्टा खिलवाते थे।
मोबाइल की सीडीआर के आधार पर पुलिस इस गैंग से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। एक लेजर भी पुलिस को मिला है, जिसकी टीम जांच पड़ताल कर रही है। खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। -आरती सिंह, डीसीपी पश्चिम