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धरने से उठाने पर महिला की पुलिस की नोंकझोंक
ब्यूरो/अमर उजाला, कन्नौज।
Updated Mon, 24 Oct 2016 10:35 PM IST
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पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठी पीड़ित महिला।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दो वर्ष से गायब अपने देवर की रिपोर्ट लिखाने के लिए भटक रही महिला की न तो अभी तक रिपोर्ट लिखी गई और न ही कोई कार्रवाई हुई है। इससे परेशान पीड़िता ने तहसील परिसर में बैनर टांगकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उसने चेतावनी दी है कि जब तक उसकी रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई नहीं की जाती तब तक वह धरने पर बैठी रहेगी। उधर, पुलिस ने बैनर उखाड़कर महिला को वहां से हटाने की काफी मशक्कत की, जिससे महिला और पुलिस के बीच नोंकझोंक भी हुई।
सोमवार को ग्राम नगला मठिया निवासी निर्मला देवी पत्नी अजय पाल ने तहसील परिसर में बैनर टांगकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया इसकी जानकारी होते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। दारोगा विनोद कुमार यादव और लालसिंह ने महिला को उठाने और उसके द्वारा लगाए गए बैनर को हटाने का प्रयास किया। इस पर महिला दारोगाओं से भिड़ गई। यह नजारा देख वहां काफी अधिवक्ता एकत्र हो गए। अधिवक्ताओं के विरोध के चलते पुलिस को अपने कार्य में सफलता नहीं मिल सकी।
इस बीच पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच काफी नोकझोंक भी हुई। पीड़िता का कहना था कि वर्ष 2014 में कुछ लोग उसके देवर विजयपाल को अपने साथ मध्य प्रदेश यह कहकर ले गए थे कि वह उनके साथ रहेगा। वह उसे पांच हजार रुपये प्रति माह देंगे। उसके जाने के दो माह बाद रक्षाबंधन के त्यौहार पर उक्त सभी लोग अपने गांव आए, लेकिन उसके देवर को साथ नहीं लाए। जब उसने उन लोगों से पूछा तो उन लोगों ने कहा कि दूर का सफर है।
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किराया बहुत लगता है इसलिए साथ लेकर नहीं आए। करीब डेढ़ वर्ष बाद वह लोग जब आएंगे तब विजयपाल को भी साथ लेकर आएंगे। उन लोगों की बातों पर विश्वास कर वह निश्चित हो गई। करीब तीन माह पूर्व उक्त सभी लोग पुन: अपने गांव आए, लेकिन उसके देवर विजयपाल को साथ नहीं लाए।
तब उसने उन लोगों से उसके बारे में पुछा तो उन लोगों ने कहा कि वह 15-20 दिन में आ जाएगा, लेकिन वह फिर भी नहीं आया। जब उसने उन लोगों पर दबाव बनाकर अपने देवर के बारे में पूछा तो वह लोग झगड़ा पर अमादा हो गए। उन लोगों ने कहा कि जहां विजय पाल को भेजा है वहीं तूझे भी भेज देंगे। महिला ने आरोप लगाया है कि उन लोगों ने उसके देवर की हत्या कर शव कहीं गायब कर दिया है।
उसने इस संबंध में सीओ को कई पत्र दिए। इसके अलावा तहसील दिवस में भी प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन आज दिन तक उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। वह शासन और प्रशासन के अधिकारियों के चक्कर काटकर परेशान हो गई। अब उसे लगने लगा कि न्याय नहीं मिलेगा। तब उसने मुख्यमंत्री समेत राज्यपाल, महिला आयोग व पुलिस महानिदेशक पत्र भेजा, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई न होने पर वह सोमवार से तहसील में धरना प्रदर्शन पर बैठ गई।
उधर, इस संबंध में उपजिलाधिकारी उदयवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने धरने पर बैठी महिला से वार्ता की और उसे कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने नायब तहसीलदार अवनीश कुमार व कोतवाल आमोद कुमार सिंह को भी बुलाकर पीड़ित की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
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सोमवार को ग्राम नगला मठिया निवासी निर्मला देवी पत्नी अजय पाल ने तहसील परिसर में बैनर टांगकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया इसकी जानकारी होते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। दारोगा विनोद कुमार यादव और लालसिंह ने महिला को उठाने और उसके द्वारा लगाए गए बैनर को हटाने का प्रयास किया। इस पर महिला दारोगाओं से भिड़ गई। यह नजारा देख वहां काफी अधिवक्ता एकत्र हो गए। अधिवक्ताओं के विरोध के चलते पुलिस को अपने कार्य में सफलता नहीं मिल सकी।
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इस बीच पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच काफी नोकझोंक भी हुई। पीड़िता का कहना था कि वर्ष 2014 में कुछ लोग उसके देवर विजयपाल को अपने साथ मध्य प्रदेश यह कहकर ले गए थे कि वह उनके साथ रहेगा। वह उसे पांच हजार रुपये प्रति माह देंगे। उसके जाने के दो माह बाद रक्षाबंधन के त्यौहार पर उक्त सभी लोग अपने गांव आए, लेकिन उसके देवर को साथ नहीं लाए। जब उसने उन लोगों से पूछा तो उन लोगों ने कहा कि दूर का सफर है।
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किराया बहुत लगता है इसलिए साथ लेकर नहीं आए। करीब डेढ़ वर्ष बाद वह लोग जब आएंगे तब विजयपाल को भी साथ लेकर आएंगे। उन लोगों की बातों पर विश्वास कर वह निश्चित हो गई। करीब तीन माह पूर्व उक्त सभी लोग पुन: अपने गांव आए, लेकिन उसके देवर विजयपाल को साथ नहीं लाए।
तब उसने उन लोगों से उसके बारे में पुछा तो उन लोगों ने कहा कि वह 15-20 दिन में आ जाएगा, लेकिन वह फिर भी नहीं आया। जब उसने उन लोगों पर दबाव बनाकर अपने देवर के बारे में पूछा तो वह लोग झगड़ा पर अमादा हो गए। उन लोगों ने कहा कि जहां विजय पाल को भेजा है वहीं तूझे भी भेज देंगे। महिला ने आरोप लगाया है कि उन लोगों ने उसके देवर की हत्या कर शव कहीं गायब कर दिया है।
उसने इस संबंध में सीओ को कई पत्र दिए। इसके अलावा तहसील दिवस में भी प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन आज दिन तक उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। वह शासन और प्रशासन के अधिकारियों के चक्कर काटकर परेशान हो गई। अब उसे लगने लगा कि न्याय नहीं मिलेगा। तब उसने मुख्यमंत्री समेत राज्यपाल, महिला आयोग व पुलिस महानिदेशक पत्र भेजा, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई न होने पर वह सोमवार से तहसील में धरना प्रदर्शन पर बैठ गई।
उधर, इस संबंध में उपजिलाधिकारी उदयवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने धरने पर बैठी महिला से वार्ता की और उसे कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने नायब तहसीलदार अवनीश कुमार व कोतवाल आमोद कुमार सिंह को भी बुलाकर पीड़ित की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए हैं।