{"_id":"5dffb14d8ebc3e87c56e9a6b","slug":"weather-kannauj-news-knp5338315168","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाम से शुरू हुए कोहरे से वाहन चालक परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाम से शुरू हुए कोहरे से वाहन चालक परेशान
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कन्नौज। दूसरे दिन भी कोहरे की धुंध का कहर जारी रहा। शनिवार की शाम सात बजे के बाद शुरू हुए कोहरे से रात के समय रोड पर पास के व्यक्ति को देख पाना मुश्किल हो रहा था। जीटी रोड सहित संपर्क मार्ग पर दोपहिया व चौपहिया वाहन चलाने में चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोहरे के चलते वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। हालांकि सुबह नौ बजे के बाद कोहरा धूप निकल आने की वजह से साफ हो गया। लोगों ने रविवार को निकली चटक धूप का आनंद उठाया।
कोहरा के चलते शनिवार की रात को रोडवेज व ट्रक चालकों को अपने वाहन चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अधिकतर वाहन चालक रिफ्लेक्टर के सहारे सफर तय करने को मजबूर हुए। उसे के सहारे वह अपनी मंजिल तक पहुंच सके। तमाम लोगों ने कोहरे की घनी चादर देखकर कानपुर, फर्रुखाबाद, आगरा सहित अन्य शहरों के अपने जाने के प्रोग्राम को निरस्त कर होटलों में ठहरे। सुबह कोहरा के साफ होने के बाद वह अपने वाहनों से निकले।
उधर, कोहरे ने किसानों की धड़कनों को भी बढ़ा दिया। रात के समय कोहरा व पाला के गिरने से आलू की फसल प्रभावित हो रही है। पाला से सबसे अधिक मटर की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। जिला कृषि अधिकारी राममिलन सिंह परिहार ने कहा कि किसान मौसम को देखते हुए अपनी फसलों को नियमित रूप से देखें। किसी भी रोग के लगने की जानकारी पर वह तत्काल कीटनाशक दवाओं को छिड़काव करें। रोग के अधिक फैलने के बाद उस पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाता है।
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कोहरा के चलते शनिवार की रात को रोडवेज व ट्रक चालकों को अपने वाहन चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अधिकतर वाहन चालक रिफ्लेक्टर के सहारे सफर तय करने को मजबूर हुए। उसे के सहारे वह अपनी मंजिल तक पहुंच सके। तमाम लोगों ने कोहरे की घनी चादर देखकर कानपुर, फर्रुखाबाद, आगरा सहित अन्य शहरों के अपने जाने के प्रोग्राम को निरस्त कर होटलों में ठहरे। सुबह कोहरा के साफ होने के बाद वह अपने वाहनों से निकले।
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उधर, कोहरे ने किसानों की धड़कनों को भी बढ़ा दिया। रात के समय कोहरा व पाला के गिरने से आलू की फसल प्रभावित हो रही है। पाला से सबसे अधिक मटर की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। जिला कृषि अधिकारी राममिलन सिंह परिहार ने कहा कि किसान मौसम को देखते हुए अपनी फसलों को नियमित रूप से देखें। किसी भी रोग के लगने की जानकारी पर वह तत्काल कीटनाशक दवाओं को छिड़काव करें। रोग के अधिक फैलने के बाद उस पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाता है।
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