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Kannauj News: ग्राम स्वास्थ्य समिति का खजाना खाली, फॉगिंग न छिड़काव
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कन्नौज। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों पर अंकुश लगाने की सरकारी योजना बजट के अभाव में दम तोड़ती नजर आ रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत गठित ग्राम स्वास्थ्य समितियों को हर साल मिलने वाली 10 हजार रुपये की धनराशि पिछले तीन साल से नहीं मिली है। ऐसे में गांवों में न तो फॉगिंग हो पा रही है और न ही एंटी लार्वाा का छिड़काव। ग्रामीण मच्छरों से परेशान हैं।
योजना के तहत प्रत्येक राजस्व गांव को स्वास्थ्य निधि के रूप में प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। यह धनराशि ग्राम प्रधान और क्षेत्रीय एएनएम के संयुक्त खाते में भेजी जाती है। इसका प्रयोग गांव में साफ-सफाई, कीटनाशक दवाओं के छिड़काव और स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े अन्य कार्यों में किया जाता है।
वर्ष 2023 में ग्राम पंचायतों को धनराशि दी गई थी, जिसके बाद से बजट न होने के कारण समितियों को धनराशि नहीं दी गई है। ऐसे में जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। इससे डेंगू, मलेरिया समेत मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
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प्रधान बने प्रशासक, डीएम ने फॉगिंग और छिड़काव के दिए निर्देश
ग्राम स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान होते हैं, जबकि एएनएम उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाती हैं। समिति में अन्य सदस्य भी शामिल होते हैं। 26 मई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया था। अब प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे हैं। डीएम ने डीपीआरओ को गांवों में फॉगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन
ग्राम स्वास्थ्य समितियों के खातों में पिछले तीन साल से धनराशि नहीं भेजी गई है। नगर निकायों में पालिका की ओर से फॉगिंग और छिड़काव कराया जा रहा है और गांवों में डीपीआरओ को फॉगिंग व छिड़काव कराने के डीएम की ओर से निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. विकास चंद्रा, सीएमओ
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योजना के तहत प्रत्येक राजस्व गांव को स्वास्थ्य निधि के रूप में प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। यह धनराशि ग्राम प्रधान और क्षेत्रीय एएनएम के संयुक्त खाते में भेजी जाती है। इसका प्रयोग गांव में साफ-सफाई, कीटनाशक दवाओं के छिड़काव और स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े अन्य कार्यों में किया जाता है।
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वर्ष 2023 में ग्राम पंचायतों को धनराशि दी गई थी, जिसके बाद से बजट न होने के कारण समितियों को धनराशि नहीं दी गई है। ऐसे में जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। इससे डेंगू, मलेरिया समेत मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
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प्रधान बने प्रशासक, डीएम ने फॉगिंग और छिड़काव के दिए निर्देश
ग्राम स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान होते हैं, जबकि एएनएम उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाती हैं। समिति में अन्य सदस्य भी शामिल होते हैं। 26 मई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया था। अब प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे हैं। डीएम ने डीपीआरओ को गांवों में फॉगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन
ग्राम स्वास्थ्य समितियों के खातों में पिछले तीन साल से धनराशि नहीं भेजी गई है। नगर निकायों में पालिका की ओर से फॉगिंग और छिड़काव कराया जा रहा है और गांवों में डीपीआरओ को फॉगिंग व छिड़काव कराने के डीएम की ओर से निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. विकास चंद्रा, सीएमओ