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कैदी की मौत पर जेल में बवाल
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Tue, 03 Feb 2015 11:49 PM IST
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अनौगी स्थित जिला जेल में मंगलवार शाम एक कैदी की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। गुस्साए साथी कैदियों ने तोड़फोड़ की। इस दौरान जेलर ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो गुस्साए कैदियों ने उन्हें खदेड़ लिया। वह किसी तरह जान बचाकर भाग निकले।
मौके पर पहुंची फोर्स ने लाठी चार्ज कर कैदियों को नियंत्रित करने की कोशिश की तो वे उग्र हो गए और छत पर चढ़ कर प्रदर्शन करने लगे। कैदी जेल प्रशासन पर साथी कैदी की हत्या का आरोप लगा रहे हैं, जबकि जेल प्रशासन आत्महत्या बता रहा है। देर रात तक कैदियों का हंगामा जारी रहा।
जेल सूत्रों के अनुसार गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव नौरंगपुर निवासी हरिओम तिवारी दहेज हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा हुई थी। वह जिला जेल अनौगी में 2 अक्तूबर 2011 से बंद था। इस केस में उसका पिता राम नरायन भी जेल में बंद है, जबकि भाई छूट गया था।
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हरिओम के झगड़ालू होने की वजह से अक्सर जेल के अंदर दूसरे कैदियों के साथ मारपीट होती रहती थी। कुछ दिन पहले हुई मारपीट में वह घायल हो गया था। बैरक नंबर एक में बंद हरिओम का मंगलवार रात करीब साढ़े सात बजे शव मिला। शव जेल के शौचालय के पास अंगौछे की सहायता से फांसी पर लटकता पाया गया।
यह नजारा देख अन्य कैदियों ने शोर मचाया। कैदी को फांसी के फंदे पर देख जेल प्रशासन के हांथ-पांव फूल गए। हरिओम को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस बीच बैरक में बंद अन्य कैदी उग्र हो गए। वे जेल प्रशासन पर साथी कैदी की हत्या कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।
इस पर बंदी रक्षकों ने बल प्रयोग कर उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास किया तो वे तोड़फोड़ करने लगे। बंदियों ने कई बैरकों के दरवाजे तोड़ दिए। इस बीच बंदी रक्षकों के साथ जेलर शशिकांत ने कैदियों को समझाने का प्रयास किया तो आक्रोशित कैदियों ने उन्हें भी दौड़ा लिया।
बाद में मौके पर पहुंची फोर्स ने लाठीचार्ज कर दिया। इस पर कुछ कैदी छत पर चढ़कर पथराव शुरू कर दिए। कुछ देर बाद एसपी कलानिधि नैथानी, एएसपी सुभाष शाक्य, सीओ सदर करन सिंह आदि मौके पर पहुंचे और कैदियों को समझाने की कोशिश की।
समाचार लिखे जाने तक कैदियों का हंगामा जारी था। एसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि कैदियों की बात सुनी जा रही हैं। उधर जेल अधीक्षक व जेल के अन्य अफसरों ने इस मुद्दे पर बात करने से मना कर दिया।
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मौके पर पहुंची फोर्स ने लाठी चार्ज कर कैदियों को नियंत्रित करने की कोशिश की तो वे उग्र हो गए और छत पर चढ़ कर प्रदर्शन करने लगे। कैदी जेल प्रशासन पर साथी कैदी की हत्या का आरोप लगा रहे हैं, जबकि जेल प्रशासन आत्महत्या बता रहा है। देर रात तक कैदियों का हंगामा जारी रहा।
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जेल सूत्रों के अनुसार गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव नौरंगपुर निवासी हरिओम तिवारी दहेज हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा हुई थी। वह जिला जेल अनौगी में 2 अक्तूबर 2011 से बंद था। इस केस में उसका पिता राम नरायन भी जेल में बंद है, जबकि भाई छूट गया था।
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हरिओम के झगड़ालू होने की वजह से अक्सर जेल के अंदर दूसरे कैदियों के साथ मारपीट होती रहती थी। कुछ दिन पहले हुई मारपीट में वह घायल हो गया था। बैरक नंबर एक में बंद हरिओम का मंगलवार रात करीब साढ़े सात बजे शव मिला। शव जेल के शौचालय के पास अंगौछे की सहायता से फांसी पर लटकता पाया गया।
यह नजारा देख अन्य कैदियों ने शोर मचाया। कैदी को फांसी के फंदे पर देख जेल प्रशासन के हांथ-पांव फूल गए। हरिओम को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस बीच बैरक में बंद अन्य कैदी उग्र हो गए। वे जेल प्रशासन पर साथी कैदी की हत्या कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।
इस पर बंदी रक्षकों ने बल प्रयोग कर उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास किया तो वे तोड़फोड़ करने लगे। बंदियों ने कई बैरकों के दरवाजे तोड़ दिए। इस बीच बंदी रक्षकों के साथ जेलर शशिकांत ने कैदियों को समझाने का प्रयास किया तो आक्रोशित कैदियों ने उन्हें भी दौड़ा लिया।
बाद में मौके पर पहुंची फोर्स ने लाठीचार्ज कर दिया। इस पर कुछ कैदी छत पर चढ़कर पथराव शुरू कर दिए। कुछ देर बाद एसपी कलानिधि नैथानी, एएसपी सुभाष शाक्य, सीओ सदर करन सिंह आदि मौके पर पहुंचे और कैदियों को समझाने की कोशिश की।
समाचार लिखे जाने तक कैदियों का हंगामा जारी था। एसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि कैदियों की बात सुनी जा रही हैं। उधर जेल अधीक्षक व जेल के अन्य अफसरों ने इस मुद्दे पर बात करने से मना कर दिया।