मौसम की मार: बेमौसम बारिश ने बर्बाद की गेहूं, आलू व तिलहन की फसल, ठठिया इलाके में सबसे ज्यादा नुकसान
Kannauj News: बारिश के साथ ही जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई। इससे सरसों और गेहूं की फसल के साथ ही खुदाई के बाद खेत में पड़े आलू को नुकसान हुआ है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जिले में मंगलवार की रात 4.5 मिलीमीटर बारिश हुई है।
विस्तार
कन्नौज जिले में एक बार फिर हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। मंगलवार देर रात हुई बारिश ने किसानों को तगड़ा झटका दिया है। करीब आधा घंटा तक तेज बारिश हुई। इस बीच कई जगह आले भी गिरे। इससे गेहूं की फसल को तगड़ा नुकसान हुआ है। तिलहन की फसल भी प्रभावित हुई है। जिन खेतों में आलू के फसल की खुदाई शुरू हो चुकी है, वहां पानी भरने से फसल को नुकसान हुआ है।
दरअसल मौसम विभाग ने दो-तीन दिन आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने के आसार जताए थे, लेकिन मंगलवार को दिन में तेज धूप के कारण लोग गर्मी से परेशान रहे। देर रात 11 बजे के बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाएं चलने लगीं। जिसके बाद बारिश भी हुई। बारिश के साथ ही जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई। जिससे सरसों और गेहूं की फसल के साथ ही खुदाई के बाद खेत में पड़े आलू को नुकसान हुआ है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जिले में मंगलवार की रात 4.5 मिलीमीटर बारिश हुई है।
तिर्वा तहसील क्षेत्र में ठठिया इलाके में सबसे ज्यादा नुकसान
बारिश व ओलावृष्टि से सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई। करीब आधे घंटे तक हुई ओलावृष्टि के कारण तहसील क्षेत्र के ठठिया क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ। ठठिया क्षेत्र के खैरनगर, औसैर, हरेईपुर, सौसई, सिमरिया, गुलाह, खानपुर, हमीरपुर, सिमरिया, जनखत, सिंहपुर अज्युरा व अन्य गांव में सबसे अधिक समेत उमर्दा, इंदरगढ व हसेरन क्षेत्र में किसानों की तैयार खड़ी सरसों की फसल के साथ मुंगफली, गेहूं, आलू, लाई, धनिया, लहसुन, चना, मटर की फसल बर्बाद हो गई।
बारिश व ओलावृष्टि के दौरान कोई जनहानि नहीं
ओलावृष्टि से किसानों की फसलों के हुए नुकसान की जानकारी लेने के लिए एसडीएम अशोक कुमार, तहसीलदार अवनीश कुमार ने अलग अलग क्षेत्रों का भ्रमण कर जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि बारिश व ओलावृष्टि के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई है। फसलों को नुकसान हुआ है। लेखपालों को गांवों में भेजकर नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। बजट मिलने पर किसानों के नुकसान पर आर्थिक मदद दी जाएगी। वहीं इस दौरान बारिश से उमर्दा क्षेत्र के करीब 20 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग सप्लाई शुरू नहीं कर सका।
बारिश से आलू-सरसों को लेकर बढ़ी किसानों की धड़कन
आसमान में बादलों की दस्तक से आलू-सरसों फसल को लेकर किसानों की धड़कन बढ़ गई है। बारिश से आलू और सरसों की फसल खराब होने की आशंका है। हालांकि गेहूं की फसल के लिए बारिश लाभदायक है। ओलावृष्टि से नुकसान हो सकता है। सरसों की फसल खेतों में कटी पड़ी है तो कुछ पकी खड़ी है। आलू की फसल तैयार है कुछ किसान खोदाई कर रहे हैं। अधिक बारिश हुई तो जलभराव से आलू ही फसल खराब हो सकती है।