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सौरिख ब्लाक में 63 लाख के गोलमाल का अंदेशा
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कन्नौज। अफसर दो ब्लाकों में सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की गड़बड़ी से सतर्क हैं। इन्हें सौरिख ब्लाक की 17 ग्राम पंचायतों में 63 लाख रुपये के गोलमाल होने का अंदेशा है। सीडीओ ने पीडी समेत खंड विकास अधिकारी को पत्र लिखकर जांच के आदेश दिए हैं। इससे कि सच्चाई सामने आ सके। साथ ही दोषी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए कहा है।
मुख्य विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक समेत ब्लाक सौरिख के खंड विकास अधिकारी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि सौरिख ब्लाक की 17 ग्राम पंचायतों में 63,03080 रुपये की लागत से सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाई गई हैं। अंदेशा है कि पंचायत सचिवों ने निजी लाभ के लिए सरकारी विभाग के बजाय निजी कंपनियों को काम दे दिया। यह नियम विरुद्ध है। सरकारी धन को गलत ढंग से खर्च किया गया है। इससे पहले दो ब्लाकों से शिकायतें आने पर जांच में यह मामले सही पाए गए हैं। लाखों रुपये की गड़बड़ी हुई। सीडीओ ने कहा है कि पीडी व बीडीओ ग्राम पंचायतों में लगाई र्गइं सोलर व स्ट्रीट लाइटों का सत्यापन करवा लें। पता कर लें कि कहीं निजी कंपनी को लाभ देकर लाखों रुपये की गड़बड़ी तो नहीं हुई है। अगर ऐसा है तो कार्यालय को रिपोर्ट कार्यालय उपलब्ध कराई जाए। इससे कि आगे की कार्रवाई की जा सके।
ब्लाक उमर्दा की ग्राम पंचायत महतेपुर्वा में ग्राम विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाने में सरकारी विभाग को काम न देकर निजी कंपनी को ठेका दे दिया था। इसमें 10.67 लाख रुपये की गड़बड़ी की शिकायत आई। इसी तरह ब्लाक सौरिख की ग्राम पंचायत बटेला में ग्राम पंचायत अधिकारी ने 15 लाख रुपये की गड़बड़ी की। दोनों सचिवों को निलंबित कर तालग्राम बीडीओ को जांच सौंपी गई है।
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इन ग्राम पंचायतों की होगी जांच
गोरखपुर-हरिभानपुर, दौलताबाद, डडौनी, शरीफाबाद, कुसका, बटेला, रसूलपुर, ईशमपुर, टड़ारायपुर, कुतुबपुर, सिकंदरपुर, सौरिख देहात, अल्हादादपुर, कटिघरा, सहरोई, रूर, खड़िनी।
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मुख्य विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक समेत ब्लाक सौरिख के खंड विकास अधिकारी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि सौरिख ब्लाक की 17 ग्राम पंचायतों में 63,03080 रुपये की लागत से सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाई गई हैं। अंदेशा है कि पंचायत सचिवों ने निजी लाभ के लिए सरकारी विभाग के बजाय निजी कंपनियों को काम दे दिया। यह नियम विरुद्ध है। सरकारी धन को गलत ढंग से खर्च किया गया है। इससे पहले दो ब्लाकों से शिकायतें आने पर जांच में यह मामले सही पाए गए हैं। लाखों रुपये की गड़बड़ी हुई। सीडीओ ने कहा है कि पीडी व बीडीओ ग्राम पंचायतों में लगाई र्गइं सोलर व स्ट्रीट लाइटों का सत्यापन करवा लें। पता कर लें कि कहीं निजी कंपनी को लाभ देकर लाखों रुपये की गड़बड़ी तो नहीं हुई है। अगर ऐसा है तो कार्यालय को रिपोर्ट कार्यालय उपलब्ध कराई जाए। इससे कि आगे की कार्रवाई की जा सके।
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ब्लाक उमर्दा की ग्राम पंचायत महतेपुर्वा में ग्राम विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाने में सरकारी विभाग को काम न देकर निजी कंपनी को ठेका दे दिया था। इसमें 10.67 लाख रुपये की गड़बड़ी की शिकायत आई। इसी तरह ब्लाक सौरिख की ग्राम पंचायत बटेला में ग्राम पंचायत अधिकारी ने 15 लाख रुपये की गड़बड़ी की। दोनों सचिवों को निलंबित कर तालग्राम बीडीओ को जांच सौंपी गई है।
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इन ग्राम पंचायतों की होगी जांच
गोरखपुर-हरिभानपुर, दौलताबाद, डडौनी, शरीफाबाद, कुसका, बटेला, रसूलपुर, ईशमपुर, टड़ारायपुर, कुतुबपुर, सिकंदरपुर, सौरिख देहात, अल्हादादपुर, कटिघरा, सहरोई, रूर, खड़िनी।