{"_id":"43e71fd9368c6ddf2fe41620da920fa5","slug":"the-tobacco-control-committee-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तंबाकू नियंत्रण को कमेटी बनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तंबाकू नियंत्रण को कमेटी बनी
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Mon, 29 Feb 2016 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तंबाकू नियंत्रण को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों की
विज्ञापन
कार्यशाला कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें तंबाकू नियंत्रण को
लेकर योजना तैयार की गई।
तंबाकू नियंत्रण के नोडल अधिकारी डा. केपी मद्धेशिया ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया जा चुका है। नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में तहसील स्तरीय सचल दल है। ब्लाक स्तरीय कमेटियों का गठन किया जाना है।
कमेटियों का गठन होने के बाद कोटपा अधिनियम 2003 को लागू कराने के लिए सचल दल द्वारा चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। मेडिकल कालेज के डा. संजय वर्मा ने तंबाकू से नुकसान व होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी। डा. जेपी शर्मा ने कई जिलों में चल रहे प्रगति व आंकड़ों के बारे में जानकारी देते हुए तंबाकू से होने वाले आर्थिक नुकसान के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि अब कोई कंपनी तंबाकू उत्पादन का प्रचार नहीं कर सकती और न ही बैनर या होर्डिंग लगा सकती है। कहा कि तंबाकू के प्रोडक्ट के रैपर के 80 फीसदी हिस्से पर चेतावनी का निशान होना जरूरी है। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कार्यशाला में अधिकारियों की कम उपस्थिति पर नाराजगी जताई।
विकास योजनाओं में इस कार्यक्रम को जोड़कर चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक बैठक जल्द ही आयोजित की जाएगी, जिसमें कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों को कार्य व दायित्व सौंपे जाएंगे। विकास योजनाओं की मासिक बैठक में समीक्षा की जाएगी।
तंबाकू नियंत्रण के नोडल अधिकारी डा. केपी मद्धेशिया ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया जा चुका है। नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में तहसील स्तरीय सचल दल है। ब्लाक स्तरीय कमेटियों का गठन किया जाना है।
कमेटियों का गठन होने के बाद कोटपा अधिनियम 2003 को लागू कराने के लिए सचल दल द्वारा चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। मेडिकल कालेज के डा. संजय वर्मा ने तंबाकू से नुकसान व होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी। डा. जेपी शर्मा ने कई जिलों में चल रहे प्रगति व आंकड़ों के बारे में जानकारी देते हुए तंबाकू से होने वाले आर्थिक नुकसान के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि अब कोई कंपनी तंबाकू उत्पादन का प्रचार नहीं कर सकती और न ही बैनर या होर्डिंग लगा सकती है। कहा कि तंबाकू के प्रोडक्ट के रैपर के 80 फीसदी हिस्से पर चेतावनी का निशान होना जरूरी है। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कार्यशाला में अधिकारियों की कम उपस्थिति पर नाराजगी जताई।
विकास योजनाओं में इस कार्यक्रम को जोड़कर चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक बैठक जल्द ही आयोजित की जाएगी, जिसमें कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों को कार्य व दायित्व सौंपे जाएंगे। विकास योजनाओं की मासिक बैठक में समीक्षा की जाएगी।