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रोस्टर से नहीं मिल रही आपूर्ति
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 02 Jan 2016 12:17 AM IST
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बिजली विभाग की लापरवाही से किसानों को फसलों की
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सिंचाई करने के लिए समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उप केंद्र की मशीनों
में आई खराबी से अघोषित कटौती ने लोगों की नींद हराम कर दी है। ग्रामीणों
की शिकायत के बावजूद विभाग समस्या का निदान नहीं करा पा रहा है।
गुगरापुर विकास खंड क्षेत्र के चियासर, मधवापुर, कुसुमखोर के बिजली उपभोक्ता दयानंद, दिलीप तिवारी, राकेश तिवारी, प्रवेश दुबे, लक्ष्मी शर्मा, संजू त्रिपाठी, बबलू, सिंदू दुबे, हरिश्चंद्र का कहना है कि गुगरापुर ब्लाक में पड़ुवापुर के पास संयोगिता मार्ग किनारे विद्युत उप केंद्र बना है। इससे चियासर, गुगरापुर, कुसुमखोर फीडर चालू किए गए हैं।
करीब एक साल पहले चियासर फीडर की मशीन खराब हो गई थी। तब से ठीक नहीं किया गया है। चियासर फीडर को गुगरापुर फीडर से ही जोड़ दिया गया है। इससे ओवरलोडिंग की समस्या पैदा हो जाती है। इसलिए जब गुगरापुर व चियासर की लाइट जोड़ी जाती है तो कुसुमखोर फीडर को होने वाली आपूर्ति बंद कर दी जाती है।
जब कुसुमखोर फीडर को सप्लाई दी जाती है, तब गुगरापुर-चियासर फीडर बंद कर दिया जाता है। सर्वेश पाल, बदन सिंह पाल, रोहित ठाकुर, नरेंद्र सिंह तोमर, पप्पू श्रीवास्तव, कल्लू सिंह आदि का कहना है कि मशीनों के खराब होने से बिजली विभाग की ओर से रोस्टर के हिसाब से जारी घंटों के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है।
क्षेत्र सूखाग्रस्त होने से ग्रामीण पहले से ही परेशान थे। ऐसे में बिजली की अघोषित कटौती से गेहूं, राई, आलू, चना, मसूर आदि फसलों की सिंचाई में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीण रात में जागकर सिंचाई करने को मजबूर हैं। इससे सर्दी लगने का भी खतरा मंडराने लगा है।
कब बिजली आएगी कब बिजली चली जाएगी यह निर्धारित न होने से दर्जनों गांव में हाहाकार मचा है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ महीने पहले एक ट्रांसफार्मर व मशीनें भेजी गईं, पर बाद में राजनैतिक दबाव में उक्त मशीनें बहलबलपुर उप केंद्र पर पहुंचा दी गईं।
नतीजतन यहां की समस्या जस की तस है। ट्रांसफार्मर शोपीस बना है। बिजली विभाग के जेई से लेकर एक्सईएन तक से कई बार शिकायत की गई, पर आश्वासन ही मिले। ग्रामीणों ने अब डीएम से मामले में दखल देकर चियासर फीडर के लिए आईं मशीनें ठीक कराने की मांग की है।
उधर, एक्सईएन आरएन वर्मा का कहना है कि बिजली पर्याप्त मात्रा में दी जा रही है। कुछ किसान बेवजह शिकायत कर रहे हैं। यदि कोई मशीन खराब है तो एसडीओ और जेई से बात कर ठीक कराई जाएगी।
गुगरापुर विकास खंड क्षेत्र के चियासर, मधवापुर, कुसुमखोर के बिजली उपभोक्ता दयानंद, दिलीप तिवारी, राकेश तिवारी, प्रवेश दुबे, लक्ष्मी शर्मा, संजू त्रिपाठी, बबलू, सिंदू दुबे, हरिश्चंद्र का कहना है कि गुगरापुर ब्लाक में पड़ुवापुर के पास संयोगिता मार्ग किनारे विद्युत उप केंद्र बना है। इससे चियासर, गुगरापुर, कुसुमखोर फीडर चालू किए गए हैं।
करीब एक साल पहले चियासर फीडर की मशीन खराब हो गई थी। तब से ठीक नहीं किया गया है। चियासर फीडर को गुगरापुर फीडर से ही जोड़ दिया गया है। इससे ओवरलोडिंग की समस्या पैदा हो जाती है। इसलिए जब गुगरापुर व चियासर की लाइट जोड़ी जाती है तो कुसुमखोर फीडर को होने वाली आपूर्ति बंद कर दी जाती है।
जब कुसुमखोर फीडर को सप्लाई दी जाती है, तब गुगरापुर-चियासर फीडर बंद कर दिया जाता है। सर्वेश पाल, बदन सिंह पाल, रोहित ठाकुर, नरेंद्र सिंह तोमर, पप्पू श्रीवास्तव, कल्लू सिंह आदि का कहना है कि मशीनों के खराब होने से बिजली विभाग की ओर से रोस्टर के हिसाब से जारी घंटों के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है।
क्षेत्र सूखाग्रस्त होने से ग्रामीण पहले से ही परेशान थे। ऐसे में बिजली की अघोषित कटौती से गेहूं, राई, आलू, चना, मसूर आदि फसलों की सिंचाई में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीण रात में जागकर सिंचाई करने को मजबूर हैं। इससे सर्दी लगने का भी खतरा मंडराने लगा है।
कब बिजली आएगी कब बिजली चली जाएगी यह निर्धारित न होने से दर्जनों गांव में हाहाकार मचा है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ महीने पहले एक ट्रांसफार्मर व मशीनें भेजी गईं, पर बाद में राजनैतिक दबाव में उक्त मशीनें बहलबलपुर उप केंद्र पर पहुंचा दी गईं।
नतीजतन यहां की समस्या जस की तस है। ट्रांसफार्मर शोपीस बना है। बिजली विभाग के जेई से लेकर एक्सईएन तक से कई बार शिकायत की गई, पर आश्वासन ही मिले। ग्रामीणों ने अब डीएम से मामले में दखल देकर चियासर फीडर के लिए आईं मशीनें ठीक कराने की मांग की है।
उधर, एक्सईएन आरएन वर्मा का कहना है कि बिजली पर्याप्त मात्रा में दी जा रही है। कुछ किसान बेवजह शिकायत कर रहे हैं। यदि कोई मशीन खराब है तो एसडीओ और जेई से बात कर ठीक कराई जाएगी।