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Kannauj News: होटल-ढाबों के सुरक्षा इंतजामों की हकीकत चिंताजनक

Wed, 03 Jun 2026 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 11:51 PM IST
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The reality of security arrangements of hotels and restaurants is worrying.
कन्नौज। दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों जिंदा जल जाने के मामले ने एक बार फिर होटल और रेस्टोरेंटों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद कन्नौज में भी यह चर्चा तेज हो गई है कि अगर ऐसी कोई घटना यहां हो जाए तो क्या हालात संभाले जा सकेंगे। खासकर शहर की संकरी गलियों और घनी आबादी वाले इलाकों में संचालित होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट चिंता का विषय बने हुए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से की गई पड़ताल में सरायमीरा क्षेत्र के कई होटल और ढाबों में अग्निशमन यंत्र तो दिखाई दिए, लेकिन सुरक्षा मानकों की पूरी तस्वीर संतोषजनक नहीं दिखी। कई प्रतिष्ठानों में आपातकालीन निकास, आग लगने की स्थिति में बचाव के स्पष्ट इंतजाम और कर्मचारियों के प्रशिक्षण जैसे जरूरी पहलुओं पर सवाल खड़े होते नजर आए। शहर में कई होटल और रेस्टोरेंट ऐसे स्थानों पर संचालित हैं, जहां रास्ते संकरे हैं। ऐसे इलाकों में यदि आग लग जाए तो दमकल वाहनों के पहुंचने और राहत कार्य में देरी हो सकती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की है, लेकिन कई जगहों पर मानकों की अनदेखी के बावजूद कार्रवाई नहीं होती।दिल्ली की घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सुरक्षा जांच सिर्फ कागजों तक सीमित है या जमीनी स्तर पर भी उसका पालन कराया जा रहा है। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद कार्रवाई की बजाय पहले से सख्ती जरूरी है, ताकि दुर्घटना को रोका जा सके। अग्निशमन विभाग का दावा है कि समय-समय पर प्रतिष्ठानों की जांच की जाती है और जहां कमियां मिलती हैं, वहां नोटिस और कार्रवाई की जाती है।
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पहली चिंगारी बताएगी तैयारी कितनी है
दिल्ली की घटना के बाद जिले में चर्चा है कि अग्निशमन यंत्र लगा देना ही सुरक्षा की गारंटी नहीं है। असली परीक्षा तब होगी जब किसी आपात स्थिति में बचाव व्यवस्था, निकासी मार्ग और प्रशासनिक तैयारी की जांच होगी। लोगों का सवाल है कि हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने से बेहतर है कि पहले ही खामियां दूर कर ली जाएं।


वर्जन
जिले में 50 होटल और ढाबे संचालित हैं। सभी में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। विभाग समय-समय पर चेकिंग करता है और जहां कमियां मिलती हैं वहां कार्रवाई की जाती है। जल्द ही विशेष अभियान चलाकर दोबारा जांच कराई जाएगी।
-संदीप तंवर, अग्निशमन अधिकारी
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