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खजाने के लिए अभी भी खोद रहे टीला, यहां मिल चुका है कलश
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छिबरामऊ(कन्नौज)। जीटी रोड चौड़ीकरण के दौरान सिकंदरपुर क्षेत्र के ग्राम रायपुर के टीले से निकले सिक्कों से भरे कलश को लेकर भागे जेसीबी चालक का पुलिस 15 दिन बाद भी पता नहीं लगा पाई है। वहीं खजाने की चाहत में अभी भी लोग टीले के आसपास खुदाई करते दिख जाते हैं। इसके अलावा हाईवे चौड़ीकरण के लिए मिट्टी के समतलीकरण को कुरेदते बच्चे भी मिल जाते हैं।
23 अगस्त को जीटी रोड चौड़ीकरण के दौरान रायपुर गांव के टीले से सिक्कों से भरा कलश निकला था। कलश को लेकर जेसीबी चालक भाग गया। वहीं लोगों के लिए 20 साल पुरानी कहानी नई हो गई। 20 साल पहले टीले की खुदाई के दौरान इसमें दबने से रायपुर के उमेश, इनके चाचा महेश व ग्राम शाहजहांपुर निवासी राम नरायन की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने इसकी खुदाई पर रोक लगा दी थी। अब सिक्कों भरा कलश निकलने की चर्चा के बाद लोगों की नजर फिर से इस टीले की तरफ पहुंच गई है।
बुधवार को भी एक किसान टीले पर खुदाई करता दिखाई दिया। गांव के बच्चे अक्सर समतल की गई मिट्टी को कुरेदते दिख जाते हैं। ग्रामीणों की जुबां पर सिक्कों से भरे कलश के चोरी होने की चर्चा है। वहीं मन में सिक्कों को पाने की लालसा भी है। 15 दिन बाद भी पुलिस कलश लेकर भागे जेसीबी चालक को नहीं पकड़ पाई है। कोतवाल विनोद कुमार मिश्र का कहना है कि जिस दिन कलश मिलने की बात पता चली, पुलिस भेजी गई थी। वहां कोई ऐसा नहीं मिला जो बता सके कि कलश लेकर भागने वाला कौन था। इसके अलावा किसी ने एफआईआर भी नहीं कराई है।
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23 अगस्त को जीटी रोड चौड़ीकरण के दौरान रायपुर गांव के टीले से सिक्कों से भरा कलश निकला था। कलश को लेकर जेसीबी चालक भाग गया। वहीं लोगों के लिए 20 साल पुरानी कहानी नई हो गई। 20 साल पहले टीले की खुदाई के दौरान इसमें दबने से रायपुर के उमेश, इनके चाचा महेश व ग्राम शाहजहांपुर निवासी राम नरायन की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने इसकी खुदाई पर रोक लगा दी थी। अब सिक्कों भरा कलश निकलने की चर्चा के बाद लोगों की नजर फिर से इस टीले की तरफ पहुंच गई है।
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बुधवार को भी एक किसान टीले पर खुदाई करता दिखाई दिया। गांव के बच्चे अक्सर समतल की गई मिट्टी को कुरेदते दिख जाते हैं। ग्रामीणों की जुबां पर सिक्कों से भरे कलश के चोरी होने की चर्चा है। वहीं मन में सिक्कों को पाने की लालसा भी है। 15 दिन बाद भी पुलिस कलश लेकर भागे जेसीबी चालक को नहीं पकड़ पाई है। कोतवाल विनोद कुमार मिश्र का कहना है कि जिस दिन कलश मिलने की बात पता चली, पुलिस भेजी गई थी। वहां कोई ऐसा नहीं मिला जो बता सके कि कलश लेकर भागने वाला कौन था। इसके अलावा किसी ने एफआईआर भी नहीं कराई है।
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