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Kannauj News: मंत्री ने वर्चुअल बैठक कर कसे अफसरों के पेंच
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कन्नौज। समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने शनिवार को एक वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में उन्होंने सरकारी कार्यालयों में लेटलतीफी पर सख्त निर्देश दिए। मंत्री ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में अनुशासनहीनता का कोई स्थान नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की समयबद्ध कार्यशैली को आदर्श बताया। उन्होंने जिले में समय पर सरकारी आयोजन और विभागीय कार्य सुनिश्चित करने को कहा। एक ऐसी कार्य-संस्कृति विकसित की जा रही है, जहां नागरिक के समय का सम्मान होगा। इन निर्देशों का पालन सभी सरकारी विभागों के लिए अनिवार्य होगा।
राज्यमंत्री के कहा कि सभी सरकारी कार्यालय सुबह 10 बजे खुलेंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच कोई आंतरिक बैठक नहीं होगी। यह समय आम जनता की समस्याओं को सुनने और उनके निराकरण के लिए आरक्षित रहेगा। ब्लॉक प्रमुख और निकायों के अध्यक्ष कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएंगे।
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अनुशासन का अर्थ केवल समय पर आना नहीं, बल्कि समय पर कार्य पूर्ण करना भी है। यह व्यवस्था शिक्षक, डॉक्टर और पशुचिकित्सक सहित सभी आवश्यक सेवाओं पर लागू होगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अनुपस्थित पाया जाता है, तो नागरिक 1077 पर शिकायत कर सकते हैं। राज्यमंत्री ने कहा कि अधकच्चा काम और समय की बर्बादी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह स्वयं प्रतिदिन शाम को 1077 पर प्राप्त शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करेंगे।
रोजाना शाम को करेंगे अफसरों के काम की समीक्षा
राज्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि अधकच्चा काम करने की प्रवृत्ति और समय की बर्बादी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्यमंत्री स्वयं प्रतिदिन शाम को इन शिकायतों और की गई कार्रवाई की समीक्षा करेंगे।
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उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में अनुशासनहीनता का कोई स्थान नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की समयबद्ध कार्यशैली को आदर्श बताया। उन्होंने जिले में समय पर सरकारी आयोजन और विभागीय कार्य सुनिश्चित करने को कहा। एक ऐसी कार्य-संस्कृति विकसित की जा रही है, जहां नागरिक के समय का सम्मान होगा। इन निर्देशों का पालन सभी सरकारी विभागों के लिए अनिवार्य होगा।
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राज्यमंत्री के कहा कि सभी सरकारी कार्यालय सुबह 10 बजे खुलेंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच कोई आंतरिक बैठक नहीं होगी। यह समय आम जनता की समस्याओं को सुनने और उनके निराकरण के लिए आरक्षित रहेगा। ब्लॉक प्रमुख और निकायों के अध्यक्ष कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएंगे।
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अनुशासन का अर्थ केवल समय पर आना नहीं, बल्कि समय पर कार्य पूर्ण करना भी है। यह व्यवस्था शिक्षक, डॉक्टर और पशुचिकित्सक सहित सभी आवश्यक सेवाओं पर लागू होगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अनुपस्थित पाया जाता है, तो नागरिक 1077 पर शिकायत कर सकते हैं। राज्यमंत्री ने कहा कि अधकच्चा काम और समय की बर्बादी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह स्वयं प्रतिदिन शाम को 1077 पर प्राप्त शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करेंगे।
रोजाना शाम को करेंगे अफसरों के काम की समीक्षा
राज्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि अधकच्चा काम करने की प्रवृत्ति और समय की बर्बादी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्यमंत्री स्वयं प्रतिदिन शाम को इन शिकायतों और की गई कार्रवाई की समीक्षा करेंगे।