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स्वच्छता कार्यशाला में जागरूकता की कमी
ब्यूरो/ अमर उजाला, कन्नौज
Updated Thu, 26 Mar 2015 12:07 AM IST
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विकास भवन में बुधवार को राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल एवं
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स्वच्छता जागरूकता सप्ताह की कार्यशाला हुई। ग्रामीणों को जागरूक करने के
लिए जिन अधिकारियों को बुलाया गया, वही नदारद रहे। कार्यशाला में जल निगम,
ग्राम पंचायत अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य विभागों ने प्रतिभाग
किया।
मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव ने कहा कि पानी से ही तमाम बीमारियां फैलती हैं। यदि स्वच्छ पानी के प्रति हम ग्रामीणों को जागरूक करने में कामयाब हो जाएं तो तमाम बीमारियों को रोका जा सकता है। ग्राम पंचायत स्तर पर गठित पेयजल स्वच्छता समिति अपने दायित्वों का पूरी तरीके से निर्वहन करे।
गांव में शौचालयों के समीप सीमेंटेड प्लेटफार्म का निर्माण कराया जाए। कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर तीन दर्जन से अधिक पाइप पेयजल योजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें बड़ी संख्या में पाइप पेयजल योजनाएं बनकर तैयार हो गई हैं। उनको ग्राम प्रधानों को हैंडओवर किया जा चुका है।
ग्रामीणों को सुगमता से पेयजल मुहैया हो रहा है। जरूरत है पेयजल योजना की सही तरीके से देखभाल की। जिला विकास अधिकारी एके वैश्य ने कहा कि स्वच्छ पेयजल के लिए ग्रामीणों में जागरूकता की जरूरत है। जल निगम के अधिशाषी अभियंता राजेंद्र सिंह ने कहा कि जिले में तेजी से भूजल स्तर घट रहा है।
यही कारण है कि हैंडपंप पानी देना छोड़ देते हैं। समस्या से निजात दिलाने को पेयजल टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया हो सके। जिला युवा कल्याण अधिकारी अमिताभ कुमार, रवींद्र शाहू, एडीओ शिवमूर्ति पांडेय, ग्राम पंचायत अधिकारी सुधीर दुबे, अविनाथ सिंह, पंकज वर्मा, मोहन सिंह राठौर, शैलेष कुमार, निखिल अग्निहोत्री, विश्वास कश्यप भी मौजूद रहे।
सीडीएम ने जल निगम के अधिशाषी अभियंता को निर्देश दिए कि पेयजल योजनाओं के निर्माण के दौरान किसी भी ग्रामीण को ग्राम पंचायत से प्रस्ताव कराने से पहले न रखा जाए। ऐसे लोग विवाद की स्थित उत्पन्न करते हैं। जनखत व दाईपुर में ऐसे ही लोगों के कारण विवाद बना है।
सीडीओ ने कहा कि ग्राम पंचायत को टंकी हैंडओवर होने के बाद आपरेटर दो हजार रुपये मासिक पर रखा जाएगा। भुगतान ग्रामीणों से पेयजल को लिए जाने वाले शुल्क से होगा। दोनों ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरी को निर्देश दिए कि इन लोगों को तत्काल हटाएं। यदि नहीं हटते हैं तो इनके खिलाफ संबंधित थाने में कानूनी कार्रवाई की जाए।
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता जागरूकता सप्ताह जल निगम व जिला पंचायत राज विभाग की ओर से चलाया जा रहा है। विकास भवन में आयोजित कार्यशाला में डीपीआरओ विभाग ही नदारद दिखा।
सीडीओ ने उमर्दा के खंड शिक्षाधिकारी जेपी पाल, सौरिख के असित यादव, कन्नौज के प्रवीण दीक्षित, छिबरामऊ के अमर सिंह पाल को भी बुलाया था, लेकिन ये अधिकारी नहीं आए। जिला समन्वयक नवीन चंद्र भगौलीवाल दोपहर बारह बजे बाद कार्यशाला में पहुंचे।
मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव ने कहा कि पानी से ही तमाम बीमारियां फैलती हैं। यदि स्वच्छ पानी के प्रति हम ग्रामीणों को जागरूक करने में कामयाब हो जाएं तो तमाम बीमारियों को रोका जा सकता है। ग्राम पंचायत स्तर पर गठित पेयजल स्वच्छता समिति अपने दायित्वों का पूरी तरीके से निर्वहन करे।
गांव में शौचालयों के समीप सीमेंटेड प्लेटफार्म का निर्माण कराया जाए। कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर तीन दर्जन से अधिक पाइप पेयजल योजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें बड़ी संख्या में पाइप पेयजल योजनाएं बनकर तैयार हो गई हैं। उनको ग्राम प्रधानों को हैंडओवर किया जा चुका है।
ग्रामीणों को सुगमता से पेयजल मुहैया हो रहा है। जरूरत है पेयजल योजना की सही तरीके से देखभाल की। जिला विकास अधिकारी एके वैश्य ने कहा कि स्वच्छ पेयजल के लिए ग्रामीणों में जागरूकता की जरूरत है। जल निगम के अधिशाषी अभियंता राजेंद्र सिंह ने कहा कि जिले में तेजी से भूजल स्तर घट रहा है।
यही कारण है कि हैंडपंप पानी देना छोड़ देते हैं। समस्या से निजात दिलाने को पेयजल टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया हो सके। जिला युवा कल्याण अधिकारी अमिताभ कुमार, रवींद्र शाहू, एडीओ शिवमूर्ति पांडेय, ग्राम पंचायत अधिकारी सुधीर दुबे, अविनाथ सिंह, पंकज वर्मा, मोहन सिंह राठौर, शैलेष कुमार, निखिल अग्निहोत्री, विश्वास कश्यप भी मौजूद रहे।
सीडीएम ने जल निगम के अधिशाषी अभियंता को निर्देश दिए कि पेयजल योजनाओं के निर्माण के दौरान किसी भी ग्रामीण को ग्राम पंचायत से प्रस्ताव कराने से पहले न रखा जाए। ऐसे लोग विवाद की स्थित उत्पन्न करते हैं। जनखत व दाईपुर में ऐसे ही लोगों के कारण विवाद बना है।
सीडीओ ने कहा कि ग्राम पंचायत को टंकी हैंडओवर होने के बाद आपरेटर दो हजार रुपये मासिक पर रखा जाएगा। भुगतान ग्रामीणों से पेयजल को लिए जाने वाले शुल्क से होगा। दोनों ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरी को निर्देश दिए कि इन लोगों को तत्काल हटाएं। यदि नहीं हटते हैं तो इनके खिलाफ संबंधित थाने में कानूनी कार्रवाई की जाए।
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता जागरूकता सप्ताह जल निगम व जिला पंचायत राज विभाग की ओर से चलाया जा रहा है। विकास भवन में आयोजित कार्यशाला में डीपीआरओ विभाग ही नदारद दिखा।
सीडीओ ने उमर्दा के खंड शिक्षाधिकारी जेपी पाल, सौरिख के असित यादव, कन्नौज के प्रवीण दीक्षित, छिबरामऊ के अमर सिंह पाल को भी बुलाया था, लेकिन ये अधिकारी नहीं आए। जिला समन्वयक नवीन चंद्र भगौलीवाल दोपहर बारह बजे बाद कार्यशाला में पहुंचे।