फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   The farmers suffer severe injuries from the rain

बारिश से किसानों को गहरी चोट

Sat, 11 Mar 2017 12:28 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज Updated Sat, 11 Mar 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
The farmers suffer severe injuries from the rain
पटी पड़ी गेहूं की फसल। - फोटो : Amar ujala

आलू के गिरते भाव से किसान पहले से परेशान है, ऐसे में दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने उन्हें गहरी चोट दी है। आलू के साथ गेहूं की फसल को भी बारिश से नुकसान पहुंचा है। इस साल होली पर क्षेत्र में तेज बारिश व हवाओं से बाली व दाने से लदी गेहूं की फसल गिरने से चौपट हो गई है। जिससे गेहूं किसानों की चिंताएं बढ़ गईं हैं।

विज्ञापन


रबी सीजन की कई फसलें चना, मसूर भी प्रभावित हो गई हैं। पिछेती आलू की खुदाई में आलू भीगने से नुकसान हो सकता है। बारिश ने किसानों के चेहरे की रंगत गायब कर दी है। इस साल कुदरत की मार से कुछ भी कारगर साबित होता नजर नहीं आया है। इस बाबत किसानों का कहना है कि मार्च 2015 में ओले व बारिश से तबाही के बाद अब बेमौसम की बरसात से फसलों को नुकसान हुआ है।
विज्ञापन


आसमान से किसानों पर बारिश फिर आफत बनकर टूटी है। जिले में करीब दस फीसदी आलू शीतगृहों के बाहर होने से आलू के सड़ने की संभावनाएं बढ़ हो गई है। हालांकि इस बारिश ने तमाम किसानों को फायदा भी पहुंचाया है।  कृषि विभाग के पिछले रिकार्डो को देखा जाए तो इस बार सर्दियों के सीजन में बारिश का आंकड़ा काफी कम है। इससे पहले के तीन वर्षो में इन महीनों में सबसे अधिक बारिश हुई है। रात्रि दो बजे से शुरू हुई तेज व रिमझिम बारिश ने किसानो के माथे पर चिंता की लकीरे उकेर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आलू की फसल करने वाले अधिकतर किसान खुदाई करके अपना आलू शीतगृहो में भंडारित कर चुके हैं, लेकिन तमाम किसान ऐसे हैं, जिनका समय से मजदूर न मिल पाने के कारण कई खेतों में आलू की खुदाई नहीं हो पाई है। जानकार किसानों का कहना है कि जिन किसानों का आलू अभी खुदा नहीं है। उनको इस बारिश से अधिक दिक्कत नहीं है, लेकिन जो किसान आलू खोद चुके हैं और खेत में ढेर लगाया है। यदि वह बारिश के बाद आलू को ढकने का समुचित इंतजाम नहीं कर सके और आलू भीग गया है तो वह आलू अब शीतगृहों में भंडारित नहीं हो सकेगा। भीगे हुए आलू को शीतगृह मालिक भंडारित नहीं करते हैं। इस आलू के भंडारित करने से दूसरे किसानों का आलू खराब होने की संभावनाएं अधिक रहती है।

इस आलू को किसान को एक पखवारे के भीतर किसी भी रेट में बिक्री करना होगा। इसके बाद इस आलू के सड़ने का क्रम शुरू हो जाएगा। उप्र कृषि निदेशक राजेश कुमार सिंह का कहना है कि बारिश से मुख्य रुप से आलू की फसल को नुकसान है। दलहनी फसले इस क्षेत्र में सीमित दायरे में होती है। सरसों की फसल की लगभग कटाई पूरी हो चुकी है।


बारिश व तेज हवाओें से तालग्राम व मतौली उपकेंद्र से आने वाली बिजली लाइनों में फाल्ट आ जाने से रात से बिजली गुल है। ग्रामीणों की शिकायत पर लाइनमैन फाल्ट खोजने में जुटे हैं। ग्रामीण रामकिशोर, वीरेंद्र, दीपेश, दयाराम, घासीराम, रघुवीर सिंह का कहना है कि बीती रात बारिश होने के साथ ही क्षेत्र के ताहपुर, सलेमपुर, गदनापुर, भवानी सरायं, वैसापुर, माधव नगर, गदोरा, फिरोजपुर, नैपालपुर, चचियापुर, सलेमपुर ,गदनापुर, कलकत्तापुरवा, महानगर समेत एक सैकड़ा गांव की बिजली चली जाने पर उपकेंद्र तालग्राम पर शिकायत की। जिस पर लाइन में फाल्ट होने की जानकारी दी गई। वहीं, मतौली उपकेंद्र से अमोलर क्षेत्र के दलापुरवा, बिरियाहार, डम्मरपुरवा, ढिपारा, सकरैनी, डिलावरपुर, बरियापुरवा, विधिपुरवा समेत दो दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति देर रात से ठप हो जाने के कारण ग्रामीणों को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र लाइन दुरुस्त कराने की मांग उठाई है। जेई तालग्राम राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि बारिश व तेज हवा के कारण लाइन में फाल्ट आए है। उनको दुरुस्त कराने के लिए लाइनमैनों को लगाया गया है। शीघ्र आपूर्ति बहाली का प्रयास कर रहे है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed