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Kannauj News: कन्नाैज और हरदोई के बीच घटेगी दूरी, चियासर घाट पर बनेगा पुल
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फोटो :23: पतित पावनी गंगा नदी के तट पर चियासर गांव के पास बना घाट। संवाद
- फोटो : 1
कन्नौज। पतित पावनी के पौराणिक च्यवन ऋषि आश्रम से हरदोई जिले को जोड़ने वाले गंगा नदी के पुल का निर्माण जल्द शुरू होगा। शासन के निर्देश पर सेतु निगम ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर भेज दी है। पुल बनने से कन्नौज और हरदोई जिले की दूरी मीलों घट जाएगी। इटावा, औरैया समेत कई जिलाें को भी फायदा होगा। पुल की लागत 302 करोड़ रुपये और लंबाई 2.122 किलोमीटर होगी।
वर्तमान में कन्नौज से हरदोई जाने के लिए यात्रियों को काफी लंबा चक्कर लगाना पड़ता है या फिर नाव के सहारे गंगा पार करनी पड़ती है। बरसात के दिनों में काफी जोखिम भरा होता है। चियासर घाट पर पुल निर्माण के बाद लगभग 40 से 50 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी कम हो जाएगी। इससे ईंधन की बचत होगी और घंटों का सफर मिनटों में तय किया जा सकेगा। कन्नौज इत्रनगरी के रूप में विश्व विख्यात है। वहीं हरदोई एक कृषि प्रधान जिला है। पुल के बनने से दोनों जिलों के व्यापारियों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
हरदोई के किसान अपनी उपज जैसे आलू, मक्का और सब्जियां आसानी से गुरसहायगंज व छिबरामऊ की मंडियों तक पहुंचा सकेंगे। वहीं इत्र कारोबारियों के लिए हरदोई और उसके आगे शाहजहांपुर या लखीमपुर की ओर जाने के लिए एक वैकल्पिक और छोटा मार्ग उपलब्ध होगा। पुल के आसपास के गांवों में छोटी दुकानें, ढाबे और परिवहन सेवाओं के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
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कटरी क्षेत्र से मेडिकल कॉलेज पहुंचना होगा आसान
चियासर घाट पर पुल बनने के हरदोई जिले के हरपालपुर क्षेत्र के कटरी इलाके से मरीज अब तिर्वा मेडिकल कॉलेज आसानी से पहुंच सकेंगे। पुल का निर्माण स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हरदोई के सीमावर्ती गांवों के मरीजों को अक्सर बेहतर इलाज के लिए कन्नौज के राजकीय मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। पुल न होने की स्थिति में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना एक चुनौती होती थी। अब यह बाधा दूर हो जाएगी। दोनों जिलों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के संस्थानों तक पहुंचना सुलभ हो जाएगा।
फर्रुखाबाद व कन्नौज के बाद होगा वैकल्पिक मार्ग
हरदोई जाने के लिए यदि कन्नौज में महादेवी घाट या फर्रुखाबाद में पांचाल घाट पुल बंद किया गया तो चियासर घाट पुल व भटपुरा आजाद नगर पुल वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेंगे। ऐसी स्थिति में जाम से निजात मिलेगी। हरदोई के साथ तराई के क्षेत्र में आने-जाने या व्यापारिक गतिविधियों के लिए यह पुल मील का पत्थर साबित होगा। छिबरामऊ विधायक अर्चना पांडेय की पहल पर मुख्यमंत्री ने पुल को स्वीकृति प्रदान की है।
चियासर घाट पुल की डीपीआर स्वीकृत हो गई है। पुल की लागत 302 करोड़ होगी और लंबाई 2.122 किलोमीटर होगी। पुल निर्माण के लिए घाट के दोनों तरफ सीमांकन भी कर लिया गया है। धनराशि आवंटित होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गर्मी के मौसम में जब गंगा का जलस्तर घटेगा तभी निर्माण कार्य शुरू होगा। - वीरेंद्र चतुर्वेदी, सहायक अभियंता सेतु निगम
चियासर गंगा घाट पर बनने वाला यह पुल केवल ईंट और कंक्रीट का ढांचा मात्र नहीं है बल्कि यह कन्नौज और हरदोई की प्रगति की नई जीवनरेखा बनेगा। प्रदेश सरकार की इस पहल से क्षेत्रीय असंतुलन दूर होगा और कनेक्टिविटी से समृद्धि के संकल्प को मजबूती मिलेगी। पौराणिक स्थल च्यवन ऋषि आश्रम भी पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित होगा। - अर्चना पांडेय, विधायक छिबरामऊ
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वर्तमान में कन्नौज से हरदोई जाने के लिए यात्रियों को काफी लंबा चक्कर लगाना पड़ता है या फिर नाव के सहारे गंगा पार करनी पड़ती है। बरसात के दिनों में काफी जोखिम भरा होता है। चियासर घाट पर पुल निर्माण के बाद लगभग 40 से 50 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी कम हो जाएगी। इससे ईंधन की बचत होगी और घंटों का सफर मिनटों में तय किया जा सकेगा। कन्नौज इत्रनगरी के रूप में विश्व विख्यात है। वहीं हरदोई एक कृषि प्रधान जिला है। पुल के बनने से दोनों जिलों के व्यापारियों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
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हरदोई के किसान अपनी उपज जैसे आलू, मक्का और सब्जियां आसानी से गुरसहायगंज व छिबरामऊ की मंडियों तक पहुंचा सकेंगे। वहीं इत्र कारोबारियों के लिए हरदोई और उसके आगे शाहजहांपुर या लखीमपुर की ओर जाने के लिए एक वैकल्पिक और छोटा मार्ग उपलब्ध होगा। पुल के आसपास के गांवों में छोटी दुकानें, ढाबे और परिवहन सेवाओं के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
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कटरी क्षेत्र से मेडिकल कॉलेज पहुंचना होगा आसान
चियासर घाट पर पुल बनने के हरदोई जिले के हरपालपुर क्षेत्र के कटरी इलाके से मरीज अब तिर्वा मेडिकल कॉलेज आसानी से पहुंच सकेंगे। पुल का निर्माण स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हरदोई के सीमावर्ती गांवों के मरीजों को अक्सर बेहतर इलाज के लिए कन्नौज के राजकीय मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। पुल न होने की स्थिति में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना एक चुनौती होती थी। अब यह बाधा दूर हो जाएगी। दोनों जिलों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के संस्थानों तक पहुंचना सुलभ हो जाएगा।
फर्रुखाबाद व कन्नौज के बाद होगा वैकल्पिक मार्ग
हरदोई जाने के लिए यदि कन्नौज में महादेवी घाट या फर्रुखाबाद में पांचाल घाट पुल बंद किया गया तो चियासर घाट पुल व भटपुरा आजाद नगर पुल वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेंगे। ऐसी स्थिति में जाम से निजात मिलेगी। हरदोई के साथ तराई के क्षेत्र में आने-जाने या व्यापारिक गतिविधियों के लिए यह पुल मील का पत्थर साबित होगा। छिबरामऊ विधायक अर्चना पांडेय की पहल पर मुख्यमंत्री ने पुल को स्वीकृति प्रदान की है।
चियासर घाट पुल की डीपीआर स्वीकृत हो गई है। पुल की लागत 302 करोड़ होगी और लंबाई 2.122 किलोमीटर होगी। पुल निर्माण के लिए घाट के दोनों तरफ सीमांकन भी कर लिया गया है। धनराशि आवंटित होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गर्मी के मौसम में जब गंगा का जलस्तर घटेगा तभी निर्माण कार्य शुरू होगा। - वीरेंद्र चतुर्वेदी, सहायक अभियंता सेतु निगम
चियासर गंगा घाट पर बनने वाला यह पुल केवल ईंट और कंक्रीट का ढांचा मात्र नहीं है बल्कि यह कन्नौज और हरदोई की प्रगति की नई जीवनरेखा बनेगा। प्रदेश सरकार की इस पहल से क्षेत्रीय असंतुलन दूर होगा और कनेक्टिविटी से समृद्धि के संकल्प को मजबूती मिलेगी। पौराणिक स्थल च्यवन ऋषि आश्रम भी पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित होगा। - अर्चना पांडेय, विधायक छिबरामऊ