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इंजेक्शन लगाते ही पांच मरीजों की हालत बिगड़ी
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
Updated Sat, 26 Aug 2017 11:47 PM IST
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इन इंजेक्शनों के लगने से बिगड़ी हालत।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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राजकीय मेडिकल कालेज के ईएनटी वार्ड (नाक, कान, गला) में भर्ती मरीजों को शनिवार की सुबह 6.30 बजे स्टाफ नर्स के इंजेक्शन दिए जाने के बाद पांच मरीजों की हालत बिगड़ गई। इनको तेज बुखार व उल्टी शुरू हो गई। एक महिला मरीज को खून की उल्टी होने लगी। इंजेक्शन का रिएक्शन देख वार्ड में हड़कंप मच गया। आनन-फानन सीनियर चिकित्सकों को बुलाया गया। करीब एक घंटे तक चले उपचार के बाद पांच मरीजों की हालत में सुधार शुरू हुुआ। दोपहर दो बजे के करीब सभी मरीज स्वस्थ हुए। प्राचार्य व सीएमएस ने मामले की छानबीन के आदेश दिए हैं। इसके लिए एक कमेटी गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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राजकीय मेडिकल कालेज के जनरल वार्ड की प्रथम तल पर ईएनटी वार्ड स्थित है। इस वार्ड की क्षमता दस बेड की है। शुक्रवार की शाम को वार्ड में दस मरीज भर्ती थे। इनमें दिव्या (14) पुत्री जगपाल निवासी जलालपुर थाना कमालगंज जनपद फर्रुखाबाद की गर्दन में गांठ थी। इसका आपरेशन मंगलवार को किया गया था। इसके अलावा रियासत अली (30) पुत्र नवाब अली निवासी मलिकपुर थाना गुरसहायगंज के भी गर्दन में गांठ थी। उसका आपरेशन बुधवार को हुआ था।
सूरज (12) पुत्र दिनेश चंद्र निवासी फुलवारी थाना ठठिया जनपद कन्नौज के कान में फोड़ा निकला था। उसका आपरेशन गुरुवार को हुआ था। अल्का (11) पुत्री हकीमुद्दीन निवासी समधन जनपद कन्नौज की नाक का आपरेशन मंगलवार को हुआ था। शगुना (45) पत्नी पंचमलाल निवासी हाजिरपुर थाना तालग्राम के गले में गांठ थी। उसका आपरेशन मंगलवार को हुआ था। सभी पांच आपरेशन ईएनटी के सर्जन डा. अशरफ ने किए थे।
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ईएनटी वार्ड में इसके अलावा पांच अन्य मरीज भर्ती थे। जिनके आपरेशन की डेट लगी हुई थी। शुक्रवार की रात आठ बजे से शनिवार की सुबह आठ बजे तक वार्ड में स्टाफ नर्स अंजू उमराव की ड्यूटी थी। उनके अलावा दो अन्य स्टाफ नर्सों की ड्यूटी थी पर दोनों ने आकस्मिक अवकाश ले लिया था। इस वजह से नाइट ड्यूटी सिर्फ अंजू उमराव ही कर रही थी। इसके अलावा मरीजों की देखभाल के लिए दो जेआर की भी ड्यूटी लगाई गई थी।
मरीजों के मुताबिक शनिवार की सुबह 6.30 बजे स्टाफ नर्स ने उन्हें दो इंजेक्शन मिक्स कर एक साथ लगा दिए। इससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। शगुना को खून की उल्टियां शुरू हो गईं। दिव्या, रियासत अली, सूरज व अल्का को तेज बुखार व उल्टी आने लगी। वार्ड में मौजूद दोनों जूनियर डाक्टरों ने उपचार शुरू किया पर हालत नहीं सुधरी। इस पर तत्काल जेआर ने सर्जन डा. अशरफ व सीएमएस डा. दिलीप सिंह को फोन कर मामले की जानकारी दी। दोनों लोग वार्ड पहुंचे। दो अन्य सीनियर चिकित्सक भी वार्ड में पहुंच गए। करीब एक घंटे के बाद मरीजों की हालत में सुधार शुरू हुआ। दोपहर दो बजे के करीब सभी मरीजों की हालत में सुधार होने पर मेडिकल कालेज प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सीएमएस ने स्टाफ नर्स को नोटिस देकर मांगा स्पष्टीकरण
मेडिकल कालेज के सीएमएस डा.दिलीप सिंह ने बताया कि स्टाफ नर्स अंजू उमराव को नोटिस भेजकर दो दिन के अंदर जवाब मांगा है। मामले में लापरवाही आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डा. संदीप कौशिक के नेतृत्व में गठित की गई जांच समिति
प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए ईएनटी के विभागाध्यक्ष डा. संदीप कौशिक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। एक सप्ताह में पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस पूरे प्रकरण में जिनकी भी लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्टाफ नर्स ने इंजेक्शन लगाने में बरती लापरवाही
ईएनटी विभाग के वरिष्ठ सर्जन डा. अशरफ का कहना है कि उन्होंने तीन दिन के दौरान इन छह मरीजों के कान व गले के आपरेशन किए थे। भर्ती मरीजों के उपचार के लिए उन्होंने बीएचटी फाइल पर एंटीबायोटिक इंजेक्शन सेफट्रियोक्सोन व मरीजों को गैस से राहत देने के लिए पैंटाप इंजेक्शन लिखा था। दोनों इंजेक्शन अलग-अलग दिए जाने थे। स्टाफ नर्स ने इंजेक्शन देने में लापरवाही बरती। उसने दोनों इंजेक्शन मिक्स करके एक ही सिरिंज से लगा दिए। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। तत्काल उपचार मिल जाने से कोई हादसा नहीं हुआ।
मेडिकल कालेज पहुंची पुलिस
मेडिकल कालेज में मरीजों की हालत बिगड़ने के बाद तीमारदारों के किसी भी उपद्रव की आशंका में तिर्वा कोतवाली प्रभारी अमरपाल सिंह पुलिस बल के साथ पहुंच गए। उन्होंने ईएनटी वार्ड में भर्ती मरीजों व तीमारदारों को समझाया। बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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