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Kannauj News: यज्ञ की पूर्णाहुति, भक्ति में डूबे श्रद्धालु
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कन्नौज। सेठ वासुदेव सहाय इंटर कॉलेज में गायत्री परिवार की ओर से चल रहे तीन दिवसीय गायत्री जयंती महोत्सव का समापन बुधवार को पूर्णाहुति के साथ हुआ। अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की और महाआरती में भाग लिया। पूरे परिसर में गायत्री मंत्रों की गूंज और भक्ति का वातावरण बना रहा।
शांतिकुंज हरिद्वार से आए प्रतिनिधि डीपी सिंह ने कहा कि समाज में अच्छे विचारों की धारा बहेगी तो सतयुग जैसे वातावरण का निर्माण होगा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, नशा उन्मूलन, नारी जागरण और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करने, तुलसी लगाने और गो-सेवा करने की अपील भी की। शांतिकुंज प्रतिनिधि शिवाम्बदा सिंह ने कहा कि बदलती दिनचर्या और खानपान के कारण सांस्कृतिक मूल्यों में गिरावट आई है। देव संस्कृति को अपनाकर ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
सरोज सिंह और पूनम अरोरा ने गायत्री मंत्र के महत्व और सद्बुद्धि की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान ग्राम मोरियापुर शांभी निवासी अंशु दुबे और श्याम दुबे का यज्ञोपवीत संस्कार भी संपन्न कराया गया। महाआरती के बाद आयोजित विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।दोपहर बाद समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण भी कार्यक्रम में पहुंचे। गायत्री परिवार के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मंत्री ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया और गायत्री परिवार से भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव देते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। समापन अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली को कन्नौज का प्रसिद्ध इत्र और गट्टा भेंट कर विदाई दी गई।
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शांतिकुंज हरिद्वार से आए प्रतिनिधि डीपी सिंह ने कहा कि समाज में अच्छे विचारों की धारा बहेगी तो सतयुग जैसे वातावरण का निर्माण होगा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, नशा उन्मूलन, नारी जागरण और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करने, तुलसी लगाने और गो-सेवा करने की अपील भी की। शांतिकुंज प्रतिनिधि शिवाम्बदा सिंह ने कहा कि बदलती दिनचर्या और खानपान के कारण सांस्कृतिक मूल्यों में गिरावट आई है। देव संस्कृति को अपनाकर ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
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सरोज सिंह और पूनम अरोरा ने गायत्री मंत्र के महत्व और सद्बुद्धि की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान ग्राम मोरियापुर शांभी निवासी अंशु दुबे और श्याम दुबे का यज्ञोपवीत संस्कार भी संपन्न कराया गया। महाआरती के बाद आयोजित विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।दोपहर बाद समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण भी कार्यक्रम में पहुंचे। गायत्री परिवार के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मंत्री ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया और गायत्री परिवार से भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव देते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। समापन अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली को कन्नौज का प्रसिद्ध इत्र और गट्टा भेंट कर विदाई दी गई।
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