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बूंदाबांदी से बढ़ी ठंडक, गर्म कपड़ों में निकले लोग

Sat, 20 Nov 2021 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Nov 2021 11:39 PM IST
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The coldness increased due to drizzle, people came out in warm clothes
गर्म कपड़े पहनकर जातीं महिलाएं। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। जिले में बूंदाबांदी से मौसम का मिजाज बदल गया। पूरे दिन घने बादल छाए रहे। ठंडक का अहसास होने पर लोग गर्म कपड़े पहनकर घरों से निकले। मौसम वैज्ञानिकों ने आगे भी इसी तरह का मौसम रहने की संभावना जताई है। दूसरी ओर सब्जी की फसलों में नुकसान की आशंका से किसान चिंतित हैं।
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मौसम ने अचानक करवट बदली है। शुक्रवार देर रात बूंदाबांदी हुई। इससे मौमस में ठंडक और नमी आ गई। शनिवार सुबह से घने बादल छाए रहे। दोपहर करीब 12 बजे आधा घंटे के लिए हल्की धूप निकली। इससे लोगों को राहत नहीं मिली। शाम करीब पांच बजे फिर बूंदाबांदी शुरू हो गई। बादल छाने से अंधेरा घिर आया। सर्दी बढ़ने से बुजुर्ग और बच्चे घरों में रहे। रात में आवाजाही कम दिखी। आलू, धनिया, टमाटर और प्याज की फसल में नुकसान की संभावना बढ़ गई है। बारिश की संभावना से किसानों ने फसलों की सिंचाई रोक दी है। मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र यादव ने बताया कि शनिवार को न्यूनतम तापमान 14 और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। कुछ दिन तक मौसम इसी तरह रहने का अनुमान है। बारिश की भी संभावना है।
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गर्म कपड़ों की दुकानों पर लगी भीड़
सर्दी बढ़ते ही लोगों ने गर्म कपड़ों की खरीदारी शुरू कर दी। शनिवार को शहर के लाखन तिराहा, सरायमीरा, बड़ा बाजार, मकरंदनगर और गोल कुआं बाजार में गर्म कपड़ों की दुकानों पर भीड़ रही। तहसील के सामने फुटपाथ पर लगी दुकानों पर भी खरीदारी हुई।
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आलू की फसल में झुलसा और फफूंदी रोग की आशंका
बूंदाबांदी से आलू की फसल में झुलसा और फफूंदी रोग की आशंका बढ़ गई है। मटर की फसल में मिल्ड यू रोग की आशंका है। जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि 40 दिन पहले आलू बुआई वाले खेतों में नुकसान हो सकता है। किसान जिनेब, डब्लूपी, कॉपर ऑक्सीक्लोराइड, टेबुकोनाजॉल, मेटालैक्सिल और मैनकोजेब का छिड़काव करें। मटर की फसल में यही दवाएं कारगर रहेंगी।
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