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दहेज हत्या में पति समेत चार को दस साल कैद
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Mon, 15 Jun 2015 11:29 PM IST
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जिला एवं सत्र न्यायालय ने दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को जिंदा जलाने वाले पति समेत चार अभियुक्तों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड न अदा करने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
घटना 30 अप्रैल 2012 की है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादी रामप्रकाश निवासी बिधूना ने अपनी पुत्री की शादी घटना से दो वर्ष पहले इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बहादुरपुर निवासी रिंकू सिंह पुत्र नत्थू सिंह के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज के रूप में सोने की चेन व बाइक की मांग कर रहे थे। कई बार पंचायत के बाद भी ससुरालियों का रवैया नहीं बदला।
घटना के दिन पति रिंकू सिंह, ससुर नत्थू सिंह, सास राजेश्वरी पत्नी नत्थू सिंह व जेठानी इंदिरा देवी पत्नी गुड्डू सिंह दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को मारते-पीटते गांव के बाहर ले गए। गंाव के बाहर कंडे की बठिया में विवाहिता को जलाकर मार डाला। ग्रामीणों की सूचना पर विवाहिता का पिता रामप्रकाश गांव पहुंचा और पुलिस को मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने विवाहिता का जला हुआ शव बरामद किया। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
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सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर रिंकू सिंह, नत्थू सिंह, राजेश्वरी, इंदिरा देवी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने की।
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घटना 30 अप्रैल 2012 की है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादी रामप्रकाश निवासी बिधूना ने अपनी पुत्री की शादी घटना से दो वर्ष पहले इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बहादुरपुर निवासी रिंकू सिंह पुत्र नत्थू सिंह के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज के रूप में सोने की चेन व बाइक की मांग कर रहे थे। कई बार पंचायत के बाद भी ससुरालियों का रवैया नहीं बदला।
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घटना के दिन पति रिंकू सिंह, ससुर नत्थू सिंह, सास राजेश्वरी पत्नी नत्थू सिंह व जेठानी इंदिरा देवी पत्नी गुड्डू सिंह दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को मारते-पीटते गांव के बाहर ले गए। गंाव के बाहर कंडे की बठिया में विवाहिता को जलाकर मार डाला। ग्रामीणों की सूचना पर विवाहिता का पिता रामप्रकाश गांव पहुंचा और पुलिस को मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने विवाहिता का जला हुआ शव बरामद किया। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
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सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर रिंकू सिंह, नत्थू सिंह, राजेश्वरी, इंदिरा देवी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने की।