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कमिश्नर-आईजी से वार्ता बेनतीजा, 13 कर्मचारी संगठनों का मिला समर्थन

Thu, 26 Sep 2019 12:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Sep 2019 12:30 AM IST
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Talks with the commissioner-IG ended, 13 employees' organizations got support
कन्नौज। कमिश्नर व आईजी से बात कर बाहर आते कर्मचारी नेता। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। कलक्ट्रेट में मंगलवार को हुए बवाल के बाद मामला शासन स्तर तक पहुंच गया। शासन के निर्देश के बाद हड़ताली कर्मचारियों को मनाने के लिए कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा और आईजी मोहित अग्रवाल कन्नौज पहुंचे। काफी प्रयास के बाद कर्मचारी नेता वार्ता को राजी हुए। करीब सवा घंटे तक चली वार्ता आखिर में बिना किसी नतीजे पर समाप्त हुई। हड़ताली कर्मियों ने दोषी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की मांग के साथ ही मुकदमे में छेड़खानी समेत अन्य धाराएं बढ़ाने की मांग की है। उधर, 13 और संगठनों का समर्थन लेखपालों को मिला है।
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कलक्ट्रेट में चल रहे कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन में बुधवार को राज्य संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमारी कोई मांगें नहीं हैं। जब तक जिला प्रशासन जनपद में सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं करता, तब कोई कर्मचारी काम नहीं करेगा। कर्मचारियों की पिटाई के बाद पुलिस का रवैया ठीक नहीं रहा। लेखपाल का सिर फट गया, चिकित्सक ने हेड इंजरी लिख दी। इसके बाद भी पुलिस साधारण धाराआें में मुकदमा दर्ज कर रही है। महिला लेखपालाें से छेड़छाड़ का मुकदमा अब तक दर्ज नहीं हुआ है। सुबह से चल रहे धरना प्रदर्शन के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे कमिश्नर और आईजी ने वार्ता के लिए कर्मचारी नेताओं को बुलाया।
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प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी के साथ ही लेखपाल संघ कन्नौज के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, शोभरन लाल भारती, लेखपाल ओमप्रकाश दुबे, अखिलेश कठेरिया, प्रेम किशन मिश्रा, मोनिका मिश्रा, रश्मि शाक्य और कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बदन सिंह मिलने के लिए पहुंचे। करीब सवा घंटे तक वार्ता चली। कमिश्नर और आईजी ने पहले 20 सितंबर और फिर मंगलवार को हुई घटना का पूरा ब्योरा जाना। अफसरों से भी सवाल जवाब किए। कर्मचारियों को मनाने का प्रयास सफल नहीं हुआ। वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हुई। कमिश्नर-आईजी पूरे मामले में बीच का रास्ता तलाशने की कोशिश में लगे रहे। राज्य संयुक्त कर्मचारी संघ कार्रवाई, मुकदमा, और कानून व्यवस्था के मामले पर अड़ा रहा। वार्ता के बाद बाहर निकले प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि उन्हाेंने 20 सितंबर को छिबरामऊ में लेखपालाें से हुई मारपीट के बाद से मंगलवार तक की घटना के बारे में आईजी-आयुक्त को अवगत करा दिया है। वह लोग पीछे नहीं हटेंगे। उनकी अपनी निजी कोई मांग नहीं है। कर्मचारी सरकार के लिए काम कर रहे हैं। कर्मचारी पर हमले हो रहे हैं, तो वह सुरक्षा मांग रहे हैं। हमलावराें पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। जब तक इतना नहीं होगा, न्याय और सम्मान के लिए प्रदेश भर में यह हड़ताल चलती रहेगी।
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उधर, लेखपालाें की हड़ताल को राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद, राज्य कर्मचारी महासंघ, उप्र मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ, उप्र राजस्व संग्रह अमीन, उप्र ग्राम विकास अधिकारी संघ, उप्र ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, उप्र राजस्व निरीक्षक/रजिस्ट्रार कानूनगो, उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ, उप्र लेखपाल संघ कानपुर मंडल, उप्र लेखपाल संघ जनपद मैनपुरी, उप्र लेखपाल संघ आगरा मंडल ने हड़ताल को समर्थन दिया है। संगठनों के नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी बात भी रखी।
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