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Kannauj News: लेखपाल को बंधक बनाकर पीटने वालों में छह गिरफ्तार

Tue, 11 Apr 2023 12:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज Updated Tue, 11 Apr 2023 12:40 AM IST
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taking the accountant hostage

Six arrested for beating
तिर्वा। सरकारी जमीन से फसल काटे जाने का विरोध करने पहुंचे लेखपाल व उनके कार चालक को बंधक बनाकर मारपीट के मामले में आठ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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तिर्वा तहसील की खानपुर ग्रामसभा के पलिउरा गांव में सरकारी जमीन पर कब्जा कर गेहूं की फसल बोई गई थी। इन दिनों उस फसल की कटाई हो रही थी। रविवार को इसकी जानकारी मिलने पर लेखपाल सनोज यादव अपनी कार से गांव पहुंचे। कार को उनका चालक सनोज चला रहा था। लेखपाल सनोज यादव ने बताया कि ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा कर गेहूं की कटाई कर रहे पलिउरा गांव निवासी साविंद यादव, हीरालाल, साहब सिंह, विपिन, गोरेलाल, गोविंद, सोमवती व भूरा को मना किया तो सभी गालियां देते हुए मारपीट करने लगे।
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बचाने आए चालक सनोज को भी जमकर पीटा। इसी दौरान आरोपियों ने करीब चार घंटे बंधक बनाकर मारपीट की। इससे उसका हाथ व पैर टूट गया। मौका देखकर चालक वहां से जान बचाकर भागा और पुलिस व तहसील प्रशासन को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लेखपाल को मुक्त कराया और घटना में शामिल छह लोगों को हिरासत में ले लिया। बाद में लेखपाल सनोज यादव की तहरीर पर पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। थानाध्यक्ष कमल भाटी ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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आरोपियों के कब्जे में 100 बीघा जमीन
लेखपाल को बंधक बनाकर मारपीट करने वाले आरोपियों ने करीब 100 बीघा जमीन पर कब्जा कर गेहूं की फसल बो रखी है। राजस्व टीम ने कई बार चेतावनी दी तो आरोपियों ने भूसा देने की बात कही थी। रविवार को फसल की कटाई की सूचना पर पहुंचे लेखपाल ने जब भूंसा मांगा तो आरोपियों ने मारपीट कर दी।



जिस जमीन पर कब्जा करके गेहूं की फसल बोई गई, उसे पिछले साल अक्टूबर में ही तहसील प्रशासन ने कब्जा से मुक्त कराया था। तब धान की फसल को तहसील टीम ने अपने कब्जे में ले लिया था। अब जब उस जमीन को तहसील की टीम अपने कब्जे में ले चुकी थी, तो फिर से उस जमीन पर कब्जा करके नई फसल कैसे बो दी गई, यह सवाल खड़ा हो गया है। फसल बोने से लेकर तैयार करने तक तहसील प्रशासन क्यों बेखबर रहा। इस पर भी लोग तहसील प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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