{"_id":"375ad8323ade81fb05292a18a31e4b02","slug":"tadka-audience-ecstatic-watching-the-slaughter-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताड़का वध देख दर्शक भावविभोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताड़का वध देख दर्शक भावविभोर
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Mon, 29 Feb 2016 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महमूदपुर खास में आयोजित ओम शिव शिवा त्रिदेव शाक्त
विज्ञापन
सती यज्ञ कार्यक्रम में रात के समय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत ताड़का वध देख
दर्शक भावविभोर हो गए।
रविवार की रात मुनि आगमन, ताड़का वध, मारीचि उद्धार, ऋषि के शाप से पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार और फिर राजा जनक के बाग में राम-लक्ष्मण विश्राम की लीलाओं का मंचन किया गया। राम के स्वरूप में कन्हैया तिवारी, लक्ष्मण बने गोलू, राजा दशरथ के स्वरूप में राजू शुक्ल, महर्षि विश्वामित्र बने शंकरदत्त त्रिपाठी, मारीचि बने संतोष त्रिपाठी, सुबाहु बने लाला तिवारी, अहिल्या बने फूल कुमार और नर्तक फूल व मिथलेश का अभिनय सभी ने सराहा।
व्यास का दायित्व शिवनरेश ने निभाया, जबकि अमृतलाल व अनिल सिंह ने वाद्य यंत्रों पर संगत दी। बाबा रामदास त्यागी एवं बाबा भैरोदास के संयोजन में हो रहे कार्यक्रमों में भारी भीड़ उमड़ रही है। रामलीला प्रारंभ होने से पहले सह आयोजक दलगंजन सिंह यादव, पूर्व प्रधान गइया बाबा, रामकुमार, रामरूप यादव, कमलेश, हरिश्चंद्र आदि ने राम-लक्ष्मण की आरती की।
रविवार की रात मुनि आगमन, ताड़का वध, मारीचि उद्धार, ऋषि के शाप से पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार और फिर राजा जनक के बाग में राम-लक्ष्मण विश्राम की लीलाओं का मंचन किया गया। राम के स्वरूप में कन्हैया तिवारी, लक्ष्मण बने गोलू, राजा दशरथ के स्वरूप में राजू शुक्ल, महर्षि विश्वामित्र बने शंकरदत्त त्रिपाठी, मारीचि बने संतोष त्रिपाठी, सुबाहु बने लाला तिवारी, अहिल्या बने फूल कुमार और नर्तक फूल व मिथलेश का अभिनय सभी ने सराहा।
व्यास का दायित्व शिवनरेश ने निभाया, जबकि अमृतलाल व अनिल सिंह ने वाद्य यंत्रों पर संगत दी। बाबा रामदास त्यागी एवं बाबा भैरोदास के संयोजन में हो रहे कार्यक्रमों में भारी भीड़ उमड़ रही है। रामलीला प्रारंभ होने से पहले सह आयोजक दलगंजन सिंह यादव, पूर्व प्रधान गइया बाबा, रामकुमार, रामरूप यादव, कमलेश, हरिश्चंद्र आदि ने राम-लक्ष्मण की आरती की।