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झूलते तार गिरा सकते ‘बिजली’
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 20 Feb 2016 12:06 AM IST
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खड़नी क्षेत्र पर खेतों और कस्बों में हाईटेंशन बिजली
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के तार लोगों के ऊपर मौत बनकर निकले हुए हैं। हादसे दर हादसे हो रहें हैं,
पर विभाग चैन की नींद सो रहा है। यह तार इतने नीचे हैं कि हाथ ऊपर करने पर
ही तार छू जाते है।
पांच साल पहले अपने खेतों पर काम करने गए खड़नी निवासी तुलाराम शाक्य की हाईटेंशन लाइन के छू जाने से मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद कई हादसे हुए और कई मवेशी चिपक कर मरे, पर विभाग ने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया। गुरुवार की शाम खेतों पर शौच के लिए गया भानु प्रकाश (19 वर्ष) जैसे खेतों से आ रहे थे, उसी दौरान उन्होंने अपना हाथ ऊपर किया, जिससे उनका हाथ हाईटेंशन लाइन को छू गया और वह करंट से दूर जा गिरे।
उनको तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया। उनका चेहरा झुलस गया है। बिधूना रोड पर निकली हाईटेंशन लाइन भी नीचे से निकली है। यहां भी कई हादसे हो चुके हैं। हालत यह है कि विभाग सुनने को तैयार नहीं है। जिसके कारण लोगों के सिर पर हमेशा ही मौत मंडराती रहती है।
कस्बे के आमोद गुप्ता, देवेंद्र सिंह चौहान, अमिताभ सिंह भदौरिया, पवन सिंह सेंगर, पवन गुप्ता, कपिल भदौरिया, राजन कुशवाहा आदि ने बताया कि वह कई बार विभाग से इसकी शिकायत कर चुके हैं, पर कोई सुनने वाला नहीं है। अब गुरुवार को हुई घटना से लोगों में फिर से विभाग के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
पांच साल पहले अपने खेतों पर काम करने गए खड़नी निवासी तुलाराम शाक्य की हाईटेंशन लाइन के छू जाने से मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद कई हादसे हुए और कई मवेशी चिपक कर मरे, पर विभाग ने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया। गुरुवार की शाम खेतों पर शौच के लिए गया भानु प्रकाश (19 वर्ष) जैसे खेतों से आ रहे थे, उसी दौरान उन्होंने अपना हाथ ऊपर किया, जिससे उनका हाथ हाईटेंशन लाइन को छू गया और वह करंट से दूर जा गिरे।
उनको तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया। उनका चेहरा झुलस गया है। बिधूना रोड पर निकली हाईटेंशन लाइन भी नीचे से निकली है। यहां भी कई हादसे हो चुके हैं। हालत यह है कि विभाग सुनने को तैयार नहीं है। जिसके कारण लोगों के सिर पर हमेशा ही मौत मंडराती रहती है।
कस्बे के आमोद गुप्ता, देवेंद्र सिंह चौहान, अमिताभ सिंह भदौरिया, पवन सिंह सेंगर, पवन गुप्ता, कपिल भदौरिया, राजन कुशवाहा आदि ने बताया कि वह कई बार विभाग से इसकी शिकायत कर चुके हैं, पर कोई सुनने वाला नहीं है। अब गुरुवार को हुई घटना से लोगों में फिर से विभाग के प्रति आक्रोश पनप रहा है।