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स्कूल के बाहर खड़े रहते छात्र और टीचर
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:08 AM IST
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क्षेत्र के गांव शिवसिंहपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय
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का हाल बेहाल है। समय से स्कूल नहीं खुल रहा और एमडीएम कागजों में ही बन
रहा है। बच्चों को एक दिन भी एमडीएम नहीं मिल पा रहा है। समय से स्कूल न
खुलने पर छात्र और शिक्षक स्कूल के बाहर ही खड़े रहने को मजबूर है।
शिवसिंहपुर के प्राथमिक विद्यालय की दशा से ग्रामीणों में भी रोष है। किसी भी दिन विद्यालय समय से नहीं खुल रहा है। हालत यह होती है कि छात्रों और टीचरों को स्कूल के बाहर ही खड़ा रहना पड़ता है। जब प्रधानाध्यापिका स्कूल आती हैं, तब कहीं जाकर स्कूल खुलता हैं। वहीं एमडीएम भी सुचारु रूप से नहीं बन रहा है।
कागजों में एमडीएम प्रतिदिन बन रहा है। स्कूल के ही शिक्षामित्र सर्वेश पाल व सहायक टीचर दीपशिखा और पुष्पा पाल ने बताया कि वह लोग खुद रोज स्कूल आकर छात्रों के साथ बाहर खड़े रहते हैं। उन्होंने बताया कि न एमडीएम बन रहा न ही दूध का वितरण हो रहा है।
इन लोगों ने आरोप लगाया कि हेडमास्टर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर एमडीएम बनना और दूध वितरण दिखा देते है। टीचरों ने कहा कि उन्होंने बड़े अफसरों से भी मामले की शिकायत की, मगर कोई सुधार नहीं हो रहा है। वहीं इस संबंध में बीएसए रामकरन यादव ने बताया कि वह खुद इस मामले की जांच करेंगे और अगर अनियमितता मिलती है तो वह संबंधित के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई करेंगे।
शिवसिंहपुर के प्राथमिक विद्यालय की दशा से ग्रामीणों में भी रोष है। किसी भी दिन विद्यालय समय से नहीं खुल रहा है। हालत यह होती है कि छात्रों और टीचरों को स्कूल के बाहर ही खड़ा रहना पड़ता है। जब प्रधानाध्यापिका स्कूल आती हैं, तब कहीं जाकर स्कूल खुलता हैं। वहीं एमडीएम भी सुचारु रूप से नहीं बन रहा है।
कागजों में एमडीएम प्रतिदिन बन रहा है। स्कूल के ही शिक्षामित्र सर्वेश पाल व सहायक टीचर दीपशिखा और पुष्पा पाल ने बताया कि वह लोग खुद रोज स्कूल आकर छात्रों के साथ बाहर खड़े रहते हैं। उन्होंने बताया कि न एमडीएम बन रहा न ही दूध का वितरण हो रहा है।
इन लोगों ने आरोप लगाया कि हेडमास्टर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर एमडीएम बनना और दूध वितरण दिखा देते है। टीचरों ने कहा कि उन्होंने बड़े अफसरों से भी मामले की शिकायत की, मगर कोई सुधार नहीं हो रहा है। वहीं इस संबंध में बीएसए रामकरन यादव ने बताया कि वह खुद इस मामले की जांच करेंगे और अगर अनियमितता मिलती है तो वह संबंधित के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई करेंगे।