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Kannauj News: जीवन भर नारी शिक्षा व उत्थान के लिए किया संघर्ष
Wed, 03 Jan 2024 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Wed, 03 Jan 2024 11:35 PM IST
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छिबरामऊ। ग्राम सिकंदरपुर निगोह (बड़ेपुर) स्थित शाक्य मुनि बुद्ध बिहार में देश की पहली महिला शिक्षक सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य ने कहा कि नारी शिक्षा व उत्थान के लिए सावित्रीबाई फुले ने जीवन भर संघर्ष किया।
बुद्ध बिहार में सावित्री बाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। सावित्री बाई फुल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि 19वीं सदी में महिलाओं की दशा काफी दयनीय थी। उन्होंने रूढ़िवादी समाज में नारी शिक्षा के लिए नौ बालिकाओं को लेकर पुणे में कन्या पाठशाला की शुरूआत की थी। लोगों के विरोध के बावजूद वे निरंतर महिला शिक्षा के प्रचार प्रसार में जुटी रहीं। पूर्व जिपंस जितेंद्र शाक्य उर्फ जीतू ने कहा कि छुआछूत, अंधविश्वास के खिलाफ जीवन पर्यंत संघर्ष किया। वे वास्तव में आधुनिक भारत की शिक्षा की देवी हैं। इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजक रमेश बाबू शाक्य, शिवप्रताप शाक्य आदि मौजूद रहे।
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बुद्ध बिहार में सावित्री बाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। सावित्री बाई फुल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि 19वीं सदी में महिलाओं की दशा काफी दयनीय थी। उन्होंने रूढ़िवादी समाज में नारी शिक्षा के लिए नौ बालिकाओं को लेकर पुणे में कन्या पाठशाला की शुरूआत की थी। लोगों के विरोध के बावजूद वे निरंतर महिला शिक्षा के प्रचार प्रसार में जुटी रहीं। पूर्व जिपंस जितेंद्र शाक्य उर्फ जीतू ने कहा कि छुआछूत, अंधविश्वास के खिलाफ जीवन पर्यंत संघर्ष किया। वे वास्तव में आधुनिक भारत की शिक्षा की देवी हैं। इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजक रमेश बाबू शाक्य, शिवप्रताप शाक्य आदि मौजूद रहे।
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