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Kannauj News: भाजपा सरकार को बदनाम करने की सपा की सोची-समझी साजिश
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कन्नौज। इत्रनगरी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान को लेकर भाजपा-सपा अब आमने सामने है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ट्वीट व मैनपुरी सांसद डिंपल यादव के बयान को लेकर भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने शुक्रवार को पलटवार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि कन्नौज में कोई अपमान नहीं हुआ, यह भाजपा सरकार को बदनाम करने की सपा की सोची-समझी साजिश है।
पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने कहा कि यदि डिंपल यादव वास्तव में शंकराचार्य के सम्मान को लेकर चिंतित हैं, तो उन्हें सबसे पहले उस घटना के लिए क्षमा मांगनी चाहिए थी। वाराणसी में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के शासनकाल में अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर दौड़ा दौड़ा कर लाठियां बरसाई गई थी। कन्नौज में किसी प्रकार की असुविधा या अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई है, तो उसके लिए भी क्षमा मांगना उचित है।
पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने बताया कि सपा के जिस कार्यकर्ता ने ठहरने का प्रबंध किया था, उसने भाजपा सरकार में अखिलेश के सामने सांसद को टुकड़े-टुकड़े करने की खुले मंच से धमकी दी थी। शंकराचार्य के रुकने से कहीं कट्टरपंथी वोट नाराज न हो जाए, इसलिए कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया। अब उसका ठीकरा भाजपा सरकार व जिला प्रशासन पर फोड़ा जा रहा है, जिसका आधार नहीं है।
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पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने कहा कि यदि डिंपल यादव वास्तव में शंकराचार्य के सम्मान को लेकर चिंतित हैं, तो उन्हें सबसे पहले उस घटना के लिए क्षमा मांगनी चाहिए थी। वाराणसी में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के शासनकाल में अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर दौड़ा दौड़ा कर लाठियां बरसाई गई थी। कन्नौज में किसी प्रकार की असुविधा या अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई है, तो उसके लिए भी क्षमा मांगना उचित है।
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पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने बताया कि सपा के जिस कार्यकर्ता ने ठहरने का प्रबंध किया था, उसने भाजपा सरकार में अखिलेश के सामने सांसद को टुकड़े-टुकड़े करने की खुले मंच से धमकी दी थी। शंकराचार्य के रुकने से कहीं कट्टरपंथी वोट नाराज न हो जाए, इसलिए कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया। अब उसका ठीकरा भाजपा सरकार व जिला प्रशासन पर फोड़ा जा रहा है, जिसका आधार नहीं है।
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