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लाखों रुपये खर्च फिर भी पकरा में अंधेरा कायम
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 10 Nov 2015 11:47 PM IST
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नदसिया के मजरा पकरा गांव में एक साल पहले
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विद्युतीकरण कराया गया था। इसके बाद मेन लाइन से कनेक्शन नहीं जोड़ा गया।
इस कारण अब तक गांव में अंधेरा कायम है।
वीरपाल सिंह, नागेंद्र सिंह, महेश सिंह, सुरेंद्र सिंह और भानु प्रताप आदि ग्रामीणों का कहना है राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत विद्युतीकरण मंजूर हुआ था। गांव में खंभे एवं तार खिंचवाने के बाद ट्रांसफार्मर लगाए गए। बाद में घर-घर में कनेक्शन देकर मीटर लगा दिए गए, पर बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो सकी।
मेन लाइन से कनेक्शन जोड़ने की मांग कई बार की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई। लाखों रुपये का सरकारी धन खर्च होने के बावजूद गांव वालों को किसी भी तरह का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में यह समस्या जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी गई।
उस वक्त उन्होंने अफसरों से वार्ता करके बिजली आपूर्ति चालू कराने का आश्वासन दिया, पर स्थिति जस की तस है। कई बार बिजली विभाग के जेई से लेकर लाइनमैन तक से शिकायत की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। उधर, अधिशासी अभियंता विद्युत पी राम का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।
किसी भी ग्रामीण ने उनसे कोई लिखित शिकायत नहीं की है। वे जांच कराकर पता कराएंगे कि पकरा गांव की विद्युत आपूर्ति चालू क्यों नहीं कराई गई है। देरी के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वीरपाल सिंह, नागेंद्र सिंह, महेश सिंह, सुरेंद्र सिंह और भानु प्रताप आदि ग्रामीणों का कहना है राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत विद्युतीकरण मंजूर हुआ था। गांव में खंभे एवं तार खिंचवाने के बाद ट्रांसफार्मर लगाए गए। बाद में घर-घर में कनेक्शन देकर मीटर लगा दिए गए, पर बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो सकी।
मेन लाइन से कनेक्शन जोड़ने की मांग कई बार की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई। लाखों रुपये का सरकारी धन खर्च होने के बावजूद गांव वालों को किसी भी तरह का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में यह समस्या जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी गई।
उस वक्त उन्होंने अफसरों से वार्ता करके बिजली आपूर्ति चालू कराने का आश्वासन दिया, पर स्थिति जस की तस है। कई बार बिजली विभाग के जेई से लेकर लाइनमैन तक से शिकायत की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। उधर, अधिशासी अभियंता विद्युत पी राम का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।
किसी भी ग्रामीण ने उनसे कोई लिखित शिकायत नहीं की है। वे जांच कराकर पता कराएंगे कि पकरा गांव की विद्युत आपूर्ति चालू क्यों नहीं कराई गई है। देरी के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।