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सोलर व स्ट्रीट लाइट का ग्राम पंचायत करवाया जाएगा सत्यापन
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विकास महकमे ने दो ब्लाकों में सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की हुई गड़बड़ी पर सख्त रख अख्तियार किया है। अफसरों को आशंका है कि अन्य जगह भी इस तरह की गड़बड़ी हुई हैं।
इसलिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर का सत्यापन करवाया जाएगा।दोषी पाए जाने पर ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा ग्राम पंचायतों में सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाई गई।
इसमें ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारियों ने निजी लाभ लेने के लिए सरकारी विभाग को काम न देकर निजी कंपनियों को काम दे दिया, जो नियम विरुद्ध है। इससे सरकारी रुपये को गलत ढंग से खर्च किया गया। दो ब्लाकों में शिकायतें आने पर इनकी जब जांच करवाई तो यह मामला सही पाया है।
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इसमें लाखों रुपये की गड़बड़ी हुई। सीडीओ ने कहा कि बीडीओ अपने स्तर से ग्राम पंचायतों में लगाई गई सोलर व स्ट्रीट लाइटों का सत्यापन करवा लें। इसमें पता कर लें कि कहीं निजी कंपनी को लाभ देकर लाखों रुपये की गड़बड़ी तो नहीं हुई है।
अगर ऐसा है तो रिपोर्ट कार्यालय उपब्लध कराएं। गौरतलब है कि ब्लाक उमर्दा के ग्राम पंचायत महतेपुर्वा में ग्राम विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाने में सरकारी विभाग को काम न देकर निजी कंपनी को ठेका दिया था। इसमें 10.67 लाख रुपये की गड़बड़ी की शिकायत आई।
इसी तरह ब्लाक सौरिख की ग्राम पंचायत बटेला में ग्राम पंचायत अधिकारी ने 15 लाख रुपये की गड़बड़ी की। दोनों सचिवों को निलंबित कर तालग्राम बीडीओ को जांच सौंपी गई है।
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इसलिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर का सत्यापन करवाया जाएगा।दोषी पाए जाने पर ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा ग्राम पंचायतों में सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाई गई।
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इसमें ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारियों ने निजी लाभ लेने के लिए सरकारी विभाग को काम न देकर निजी कंपनियों को काम दे दिया, जो नियम विरुद्ध है। इससे सरकारी रुपये को गलत ढंग से खर्च किया गया। दो ब्लाकों में शिकायतें आने पर इनकी जब जांच करवाई तो यह मामला सही पाया है।
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इसमें लाखों रुपये की गड़बड़ी हुई। सीडीओ ने कहा कि बीडीओ अपने स्तर से ग्राम पंचायतों में लगाई गई सोलर व स्ट्रीट लाइटों का सत्यापन करवा लें। इसमें पता कर लें कि कहीं निजी कंपनी को लाभ देकर लाखों रुपये की गड़बड़ी तो नहीं हुई है।
अगर ऐसा है तो रिपोर्ट कार्यालय उपब्लध कराएं। गौरतलब है कि ब्लाक उमर्दा के ग्राम पंचायत महतेपुर्वा में ग्राम विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाने में सरकारी विभाग को काम न देकर निजी कंपनी को ठेका दिया था। इसमें 10.67 लाख रुपये की गड़बड़ी की शिकायत आई।
इसी तरह ब्लाक सौरिख की ग्राम पंचायत बटेला में ग्राम पंचायत अधिकारी ने 15 लाख रुपये की गड़बड़ी की। दोनों सचिवों को निलंबित कर तालग्राम बीडीओ को जांच सौंपी गई है।