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Kannauj News: नहर में पानी का टोटा, धान की रोपाई शुरू

Sat, 11 Jul 2026 11:41 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 11:41 PM IST
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Shortage of water in the canal, paddy plantation begins
खड़िनी। आसमान से राहत की बूंदें तो कम बरसीं लेकिन अन्नदाता की उम्मीदें कम नहीं हुईं। खड़िनी क्षेत्र में अभी तक केवल छुटपुट बारिश ही हुई, मगर किसानों ने हिम्मत दिखाते हुए अपने निजी संसाधनों से कृषि कार्य का आगाज कर दिया है। निचली गंग नहर के पास होने के बावजूद 24 से अधिक गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा है। बेबस किसानों ने निजी पंपसेटों और नलकूपों के सहारे धान की रोपाई शुरू कर दी है।
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क्षेत्र के किसानों का दर्द है कि निचली गंग नहर उनके गांवों से महज कुछ ही दूरी पर बहती है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और सुस्त सिस्टम के कारण इन गांवों के अंतिम छोर तक कभी नहर का पानी नहीं पहुंच पाता। हर साल धान के सीजन में पानी का यही रोना रहता है। सिंचाई विभाग के दावों की पोल खोलती इस जमीनी हकीकत के चलते अब क्षेत्र के करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के किसानों ने नहर से पानी मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी है। बारिश के नाम पर अभी सिर्फ बूंदाबांदी हुई है, जिससे खेतों में धूल भी नहीं दब सकी।
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मानसून की बेरुखी और नहर में पानी न होने से किसानों पर आर्थिक बोझ भारी पड़ रहा है। लगातार पंपसेट चलाने से जहां डीजल का खर्च बढ़ रहा है, वहीं बिजली की अघोषित कटौती भी परेशानी का सबब बनी हुई है। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि गंग नहर के पानी को सुचारू रूप से अंतिम गांवों तक पहुंचाया जाए, ताकि किसानों को इस आर्थिक संकट से थोड़ी राहत मिल सके।
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