फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Shankar praises devotion impossible without knowing

शंकर भजन को जाने बिना भक्ति असंभव

Sat, 09 Jan 2016 10:44 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज Updated Sat, 09 Jan 2016 10:44 PM IST
विज्ञापन
Shankar praises devotion impossible without knowing

हंसलोक जनकल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित

विज्ञापन
सत्संग में विचारक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मानव यदि परमात्मा की भक्ति का जिज्ञासु है तो उसे सद्गुरु की शरण में जाकर विनम्र भाव से शंकर भजन को जानना होगा, तभी वह भक्त कहलाने का अधिकारी बन सकेगा।

राधेश्याम ने कहा कि मनुष्य पर चार कृपाएं होती हैं। पहली कृपा ईश्वर की होती है, जो मानव चोला देता है। दूसरी कृपा वेद शास्त्रों की, तीसरी कृपा गुरु महाराज की और चौथी कृपा अपने ऊपर स्वयं मनुष्य की होती है कि वह शंकर भजन जान कर प्रभु नाम का सुमिरन करे।

मिथलेश सिंह ने मानस की पंक्तियां राम भक्ति मणि उस बस जाके, दुख लवलेश न सपनेउ ताके की व्याख्या की। इसके अलावा रामजीत सक्सेना, महिपाल सिंह, रूपलाल, बाबा जिलेदार सिंह, रामसनेही लाल शर्मा ने भी विचार रखे। प्रधानाध्यापक सतीश द्विवेदी ने भजन सुनाकर वाहवाही लूटी। उन्होंने बताया कि 14 जनवरी को सत्संग के बाद सामूहिक खिचड़ी भोज होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed