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सेवकों को नहीं मिला एक साल से मानदेय
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 31 Oct 2015 11:51 PM IST
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पिछले एक साल से तकनीकी सहायकों और रोजगार सेवकों को
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मानदेय न मिलने से उनमें रोष व्याप्त है। उन लोगों ने बीडीओ से त्योहार से
पूर्व मानदेय दिलाने की मांग की है। मानदेय नहीं मिलने से उन लोगों की
दीवाली का त्योहार भी फीका हो जाएगा।
विकास खंड क्षेत्र में 40 रोजगार सेवक और पांच तकनीकी सहायक शशिकांत, अरुण कुमार, रामसेवक, गोवर्धन और अरशद खान कार्यरत हैं। इसके साथ ही ब्लाक में कंप्यूटर आपरेटर के पद पर रजनेश कुमार कार्यरत हैं। रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों ने बताया कि उन लोगों को पिछले एक साल से अभी तक मानदेय नहीं मिल सका है, जिससे वह लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
वह लोग कई बार मानदेय के लिए अधिकारियों से मांग कर चुके हैं, पर हर बार उन्हें आश्वासन दे दिया जाता है, पर एक साल से भी अधिक समय बीतने के बाद भी मानदेय नहीं मिल सका है, जबकि उनसे काम बराबर लिया जा रहा है। उन लोगों ने खंड विकास अधिकारी अनिल कुमार से दीवाली के त्योहार से पूर्व बकाया मानदेय का भुगतान कराने की मांग की।
उनका कहना था अन्य त्योहारों की तरह मानदेय नहीं मिलने से दीपावली का त्योहार भी फीका होने की उम्मीद बढ़ गई है। उधर, इस संबंध में खंड विकास अधिकारी का कहना है कि तकनीकी गड़बड़ी के चलते शासन स्तर से मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है। लेखाधिकारी द्वारा कंप्यूटर से सूचीबद्ध कर मानदेय भुगतान की कार्रवाई की गई है।
विकास खंड क्षेत्र में 40 रोजगार सेवक और पांच तकनीकी सहायक शशिकांत, अरुण कुमार, रामसेवक, गोवर्धन और अरशद खान कार्यरत हैं। इसके साथ ही ब्लाक में कंप्यूटर आपरेटर के पद पर रजनेश कुमार कार्यरत हैं। रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों ने बताया कि उन लोगों को पिछले एक साल से अभी तक मानदेय नहीं मिल सका है, जिससे वह लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
वह लोग कई बार मानदेय के लिए अधिकारियों से मांग कर चुके हैं, पर हर बार उन्हें आश्वासन दे दिया जाता है, पर एक साल से भी अधिक समय बीतने के बाद भी मानदेय नहीं मिल सका है, जबकि उनसे काम बराबर लिया जा रहा है। उन लोगों ने खंड विकास अधिकारी अनिल कुमार से दीवाली के त्योहार से पूर्व बकाया मानदेय का भुगतान कराने की मांग की।
उनका कहना था अन्य त्योहारों की तरह मानदेय नहीं मिलने से दीपावली का त्योहार भी फीका होने की उम्मीद बढ़ गई है। उधर, इस संबंध में खंड विकास अधिकारी का कहना है कि तकनीकी गड़बड़ी के चलते शासन स्तर से मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है। लेखाधिकारी द्वारा कंप्यूटर से सूचीबद्ध कर मानदेय भुगतान की कार्रवाई की गई है।