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Kannauj News: स्वयं सहायता समूह सखियों ने मानदेय बढ़ाने की उठाई मांग
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कन्नौज। उत्तर प्रदेश स्वयं सहायता समूह सखी में कार्यरत महिलाओं ने मानदेय बढ़ाने और सुविधाएं देने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की है। सखियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित तीन सूत्री ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रेशमा को सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया और जल्द समाधान की मांग की।
ज्ञापन में समूह सखी पूजा देवी ने कहा कि वह जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह सखी के तौर पर लंबे समय से कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें बहुत कम मानदेय मिल रहा है। महंगाई के इस दौर में इतने कम मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मांग की कि उनका मानदेय बढ़ाकर 15 से 20 हजार रुपये प्रति माह किया जाए।
सखियों ने कहा कि वर्तमान में मानदेय समूह के खाते में आता है, जिससे उन्हें समय पर पैसा नहीं मिल पाता। इसलिए मानदेय सीधे उनके पर्सनल खाते में भेजा जाए। इसके साथ ही उन्होंने लोकोज एप चलाने के लिए स्मार्ट फोन या टेबलेट उपलब्ध कराने की मांग की। बिना संसाधन के फील्ड में काम करने में काफी परेशानी होती है।
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ज्ञापन में सखियों ने कहा कि उनकी पहचान के लिए आईडी कार्ड जारी किया जाए और ड्रेस कोड सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्य के दौरान उनकी अलग पहचान हो सके और लोगों में विश्वास बने। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। इस दौरान अर्चना देवी, राधा राजपूत, ललिता देवी, बबली, लक्ष्मी देवी, सोनी देवी, नाजरीन, सुनीता आदि मौजूद रहीं।
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ज्ञापन में समूह सखी पूजा देवी ने कहा कि वह जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह सखी के तौर पर लंबे समय से कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें बहुत कम मानदेय मिल रहा है। महंगाई के इस दौर में इतने कम मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मांग की कि उनका मानदेय बढ़ाकर 15 से 20 हजार रुपये प्रति माह किया जाए।
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सखियों ने कहा कि वर्तमान में मानदेय समूह के खाते में आता है, जिससे उन्हें समय पर पैसा नहीं मिल पाता। इसलिए मानदेय सीधे उनके पर्सनल खाते में भेजा जाए। इसके साथ ही उन्होंने लोकोज एप चलाने के लिए स्मार्ट फोन या टेबलेट उपलब्ध कराने की मांग की। बिना संसाधन के फील्ड में काम करने में काफी परेशानी होती है।
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ज्ञापन में सखियों ने कहा कि उनकी पहचान के लिए आईडी कार्ड जारी किया जाए और ड्रेस कोड सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्य के दौरान उनकी अलग पहचान हो सके और लोगों में विश्वास बने। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। इस दौरान अर्चना देवी, राधा राजपूत, ललिता देवी, बबली, लक्ष्मी देवी, सोनी देवी, नाजरीन, सुनीता आदि मौजूद रहीं।