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सवा तीन करोड़ से होगा सब्जी उत्कृष्टता केंद्र का कायाकल्प
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उमर्दा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल का मुख्य भवन।
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा(कन्नौज)। उमर्दा में इस्राइल तकनीक पर बने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल (सब्जी उत्कृष्टता केंद्र )के दिन बहुरने वाले हैं। सरकार ने कायाकल्प के लिए तीन करोड़ 20 लाख 56 हजार रुपये आवंटित किए हैं। इस रकम से होने वाले कामों से किसानों को फायदा मिलेगा।
सपा सरकार ने वर्ष 2018 में किसानों की आयु दोगुनी करने के लिए उमर्दा में इस्राइल तकनीक पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल का निर्माण करवाया था। सेंटर के प्रभारी डीएस यादव ने अपर्याप्त संसाधनों के बीच ही कन्नौज व आसपास जिलों से आने वाले किसानों को सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण दिया। अगैती फसल के लिए पौध का वितरण कराया। इस सेंटर से औरैया, इटावा, हरदोई, कानपुर देहात, आगरा, झांसी, कानपुर नगर, उन्नाव, कासगंज आदि जिलों के करीब 10 हजार किसानों ने विभिन्न फसलों की पौध लेकर अगैती फसल की है। बाद में दिक्कत को देखते हुए केंद्र प्रभारी ने सरकार से बजट की मांग की थी। पिछले माह सचिव देवेश चतुर्वेदी के निरीक्षण के बाद बजट की आस जगी थी। अब सेंटर के लिए बजट आवंटित हुआ है। निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड (यूपीएसआईसी) को दी गई है। प्रभारी डीएस यादव ने बताया कि जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा।
बजट से ये होंगे जरूरी काम
सेंटर में एक साथ 50 किसानों के रुकने के लिए गेस्ट हाउस बनेगा। दूसरे जिलों से आने वाले किसान यहां रुककर अगैती खेती का प्रशिक्षण ले सकेंगे। सेंटर के अंदर सभी मार्गों को सीसी रोड में तब्दील किया जाएगा। विद्युत मोटर सेट, ट्यूबवेल सेट, सेल प्वाइंट, पंप सेट फिल्टर,जेनरेटर सेट आदि के अलावा मीडिया प्लेटफार्म, ग्रीन हाउस आदि का निर्माण होगा।
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बीज बुआई के लिए आएगी मशीन
आवंटित बजट से बीज बुआई के लिए नई मशीन आएगी। यह एक दिन में करीब एक लाख बीज की बुआई कर सकेगी। अभी तक यहां इस तरह की कोई मशीन नहीं थी। मजदूरों को लगाकर बुआई की जाती थी। इसमें काफी समय लगता था। मशीन आने के बाद समय के साथ मजदूरों का खर्च भी बचेगा।
साल 2014 में 7.8 करोड़ से बना था सेंटर
साल 2014 में सेंटर के लिए स्वीकृति मिली थी। इसके लिए 7.8 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। सेंटर के अंदर सीसी सड़कों का निर्माण होना था। कार्यदायी संस्था व पीडब्ल्यूडी के निर्माण में पेच फंसने की वजह से मूल बजट में 96 हजार सरकार को वापस हो गया। इससे सेंटर के अंदर सड़कों का निर्माण नहीं हो सका था।
कृषि मंत्री से की थी बजट की मांग
सेंटर प्रभारी डीएस यादव ने अधूरे निर्माण को पूरा कराने मार्च 2020 में सरकार से बजट की मांग की थी। छह माह पहले कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सेंटर का निरीक्षण किया था। इस दौरान कृषि मंत्री से मांग गई थी। इसके बाद बजट स्वीकृत हुआ है।
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सपा सरकार ने वर्ष 2018 में किसानों की आयु दोगुनी करने के लिए उमर्दा में इस्राइल तकनीक पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल का निर्माण करवाया था। सेंटर के प्रभारी डीएस यादव ने अपर्याप्त संसाधनों के बीच ही कन्नौज व आसपास जिलों से आने वाले किसानों को सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण दिया। अगैती फसल के लिए पौध का वितरण कराया। इस सेंटर से औरैया, इटावा, हरदोई, कानपुर देहात, आगरा, झांसी, कानपुर नगर, उन्नाव, कासगंज आदि जिलों के करीब 10 हजार किसानों ने विभिन्न फसलों की पौध लेकर अगैती फसल की है। बाद में दिक्कत को देखते हुए केंद्र प्रभारी ने सरकार से बजट की मांग की थी। पिछले माह सचिव देवेश चतुर्वेदी के निरीक्षण के बाद बजट की आस जगी थी। अब सेंटर के लिए बजट आवंटित हुआ है। निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड (यूपीएसआईसी) को दी गई है। प्रभारी डीएस यादव ने बताया कि जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा।
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बजट से ये होंगे जरूरी काम
सेंटर में एक साथ 50 किसानों के रुकने के लिए गेस्ट हाउस बनेगा। दूसरे जिलों से आने वाले किसान यहां रुककर अगैती खेती का प्रशिक्षण ले सकेंगे। सेंटर के अंदर सभी मार्गों को सीसी रोड में तब्दील किया जाएगा। विद्युत मोटर सेट, ट्यूबवेल सेट, सेल प्वाइंट, पंप सेट फिल्टर,जेनरेटर सेट आदि के अलावा मीडिया प्लेटफार्म, ग्रीन हाउस आदि का निर्माण होगा।
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बीज बुआई के लिए आएगी मशीन
आवंटित बजट से बीज बुआई के लिए नई मशीन आएगी। यह एक दिन में करीब एक लाख बीज की बुआई कर सकेगी। अभी तक यहां इस तरह की कोई मशीन नहीं थी। मजदूरों को लगाकर बुआई की जाती थी। इसमें काफी समय लगता था। मशीन आने के बाद समय के साथ मजदूरों का खर्च भी बचेगा।
साल 2014 में 7.8 करोड़ से बना था सेंटर
साल 2014 में सेंटर के लिए स्वीकृति मिली थी। इसके लिए 7.8 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। सेंटर के अंदर सीसी सड़कों का निर्माण होना था। कार्यदायी संस्था व पीडब्ल्यूडी के निर्माण में पेच फंसने की वजह से मूल बजट में 96 हजार सरकार को वापस हो गया। इससे सेंटर के अंदर सड़कों का निर्माण नहीं हो सका था।
कृषि मंत्री से की थी बजट की मांग
सेंटर प्रभारी डीएस यादव ने अधूरे निर्माण को पूरा कराने मार्च 2020 में सरकार से बजट की मांग की थी। छह माह पहले कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सेंटर का निरीक्षण किया था। इस दौरान कृषि मंत्री से मांग गई थी। इसके बाद बजट स्वीकृत हुआ है।