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Kannauj News: नौकरी के नाम पर 10 लाख की ठगी, फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा
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कन्नौज। शिक्षा निदेशालय में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी का मामला शुक्रवार को सामने आया है। पीड़ित ने थाने में कई बार गुहार लगाई, सुनवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
थाना सकरावा के ग्राम मुर्रा निवासी अंश दुबे ने बताया कि वह होटल सुभद्रा में प्राइवेट नौकरी करता है। 27 फरवरी 2025 को होटल सुभद्रा में मऊ जिले के थाना इंद्रा क्षेत्र का निवासी राधेश्याम ठहरा था। वह गैस एजेंसी क्रॉसिंग, जेपीएस स्कूल रोड, सरायमीरा, सदर कोतवाली क्षेत्र में दो मार्च 2025 तक रुका। आरोप है कि राधेश्याम ने खुद को शिक्षा निदेशालय लखनऊ में तैनात बताया और कहा कि वह विकास भवन व ब्लॉक में ऑडिट करने आया है। उसने अंश को निशातगंज लखनऊ में कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके लिए 10 लाख रुपये सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा करने को कहा, जो नियुक्ति के एक माह बाद वापस आने का वादा किया।
विश्वास में आकर अंश ने 5,26,000 रुपये नकद होटल में गवाहों के सामने दिए और शेष 4,74,540 रुपये अलग-अलग तिथियों में फोन-पे के माध्यम से राधेश्याम के नंबर पर भेजे। आरोप है कि न तो नौकरी लगवाई गई और न ही पैसे वापस किए गए। आरोप है कि चार अप्रैल 2025 को राधेश्याम ने कूटरचित फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर उसके व्हाट्सएप नंबर पर भेजा। ठगी की जानकारी होने पर कोतवाली में तहरीर दी, रजिस्टर्ड डाक से पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र भेजा, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
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थाना सकरावा के ग्राम मुर्रा निवासी अंश दुबे ने बताया कि वह होटल सुभद्रा में प्राइवेट नौकरी करता है। 27 फरवरी 2025 को होटल सुभद्रा में मऊ जिले के थाना इंद्रा क्षेत्र का निवासी राधेश्याम ठहरा था। वह गैस एजेंसी क्रॉसिंग, जेपीएस स्कूल रोड, सरायमीरा, सदर कोतवाली क्षेत्र में दो मार्च 2025 तक रुका। आरोप है कि राधेश्याम ने खुद को शिक्षा निदेशालय लखनऊ में तैनात बताया और कहा कि वह विकास भवन व ब्लॉक में ऑडिट करने आया है। उसने अंश को निशातगंज लखनऊ में कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके लिए 10 लाख रुपये सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा करने को कहा, जो नियुक्ति के एक माह बाद वापस आने का वादा किया।
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विश्वास में आकर अंश ने 5,26,000 रुपये नकद होटल में गवाहों के सामने दिए और शेष 4,74,540 रुपये अलग-अलग तिथियों में फोन-पे के माध्यम से राधेश्याम के नंबर पर भेजे। आरोप है कि न तो नौकरी लगवाई गई और न ही पैसे वापस किए गए। आरोप है कि चार अप्रैल 2025 को राधेश्याम ने कूटरचित फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर उसके व्हाट्सएप नंबर पर भेजा। ठगी की जानकारी होने पर कोतवाली में तहरीर दी, रजिस्टर्ड डाक से पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र भेजा, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
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