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Kannauj News: बच्चों के खिलौने से देवर-भाभी को डराकर की थी लूट
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कन्नौज। शौक बड़े और नीयत खराब हो तो इंसान किस हद तक गिर सकता है, इसका एक दिलचस्प और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक सितंबर की रात मंदिर से लौट रहे देवर-भाभी को जिस तमंचे से डराकर बाइक और मोबाइल लूटा गया था। वह असल में बच्चों का खिलौना था। हालांकि, जब पुलिस ने इस तिकड़ी को दबोचा तो उनके पास से असली तमंचे बरामद हुए। ठठिया थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह पिपरौली अंडरपास के पास से तीनों शातिर लुटेरों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के इस्वापुर निवासी लोकेश एक सितंबर की रात 8:30 बजे अपनी भाभी दीक्षा के साथ कानपुर देहात के विषधन कस्बे से मंदिर दर्शन कर बाइक से लौट रहे थे। पिपरौली अंडरपास के निकट बाइक सवार तीन लुटेरों ने उन्हें रोक लिया और तमंचा सटाकर बाइक व मोबाइल लूटकर फरार हो गए थे।
पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान कानपुर नगर की बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम निबौरी निवासी नरेंद्र उर्फ श्याम सिंह (21), बछना निवासी शिवम कश्यप (22) और सिहुरा दारा शिकोह निवासी अभिलाष राजपूत (19) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी अभिलाष ने कुबूल किया कि वारदात के वक्त देवर-भाभी को डराने के लिए उन्होंने बच्चों के खेलने वाले नकली तमंचे का इस्तेमाल किया था। अपर पुलिस अधीक्षक अजय सिंह और सीओ तिर्वा कुलवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से लूटी गई बाइक, मोबाइल, घटना में प्रयुक्त बाइक और असलहे बरामद कर लुटेरों को जेल भेजा जा रहा है।
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कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं
पुलिस ने जब तीनों की कुंडली खंगाली तो उनका कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं मिला। एसपी ने बताया कि तीनों दोस्तों ने मिलकर लूट की पहली घटना को अंजाम दिया था। इनमें मास्टरमाइंड नरेंद्र उर्फ श्याम सिंह के पिता झोलाछाप डॉक्टर थे, खुद खेती करता है। यह इलाके के एक शातिर बदमाश के संपर्क में था। वहीं, शिवम कश्यप गुजरात के भरूच में आइसक्रीम बेचने का काम करता था। अभिलाष राजपूत मध्य प्रदेश के बैतूल में चीनी मिल में मजदूरी करता है और वारदात से महज एक दिन पहले ही गांव आया था। तीनों ने बताया कि अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उन्होंने लूट की राह चुनी थी, लेकिन पहली ही वारदात में वह पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
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एसपी विनोद कुमार ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के इस्वापुर निवासी लोकेश एक सितंबर की रात 8:30 बजे अपनी भाभी दीक्षा के साथ कानपुर देहात के विषधन कस्बे से मंदिर दर्शन कर बाइक से लौट रहे थे। पिपरौली अंडरपास के निकट बाइक सवार तीन लुटेरों ने उन्हें रोक लिया और तमंचा सटाकर बाइक व मोबाइल लूटकर फरार हो गए थे।
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पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान कानपुर नगर की बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम निबौरी निवासी नरेंद्र उर्फ श्याम सिंह (21), बछना निवासी शिवम कश्यप (22) और सिहुरा दारा शिकोह निवासी अभिलाष राजपूत (19) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी अभिलाष ने कुबूल किया कि वारदात के वक्त देवर-भाभी को डराने के लिए उन्होंने बच्चों के खेलने वाले नकली तमंचे का इस्तेमाल किया था। अपर पुलिस अधीक्षक अजय सिंह और सीओ तिर्वा कुलवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से लूटी गई बाइक, मोबाइल, घटना में प्रयुक्त बाइक और असलहे बरामद कर लुटेरों को जेल भेजा जा रहा है।
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कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं
पुलिस ने जब तीनों की कुंडली खंगाली तो उनका कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं मिला। एसपी ने बताया कि तीनों दोस्तों ने मिलकर लूट की पहली घटना को अंजाम दिया था। इनमें मास्टरमाइंड नरेंद्र उर्फ श्याम सिंह के पिता झोलाछाप डॉक्टर थे, खुद खेती करता है। यह इलाके के एक शातिर बदमाश के संपर्क में था। वहीं, शिवम कश्यप गुजरात के भरूच में आइसक्रीम बेचने का काम करता था। अभिलाष राजपूत मध्य प्रदेश के बैतूल में चीनी मिल में मजदूरी करता है और वारदात से महज एक दिन पहले ही गांव आया था। तीनों ने बताया कि अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उन्होंने लूट की राह चुनी थी, लेकिन पहली ही वारदात में वह पुलिस के हत्थे चढ़ गए।