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Kannauj News: कासिमपुर में बाढ़ के पानी से रास्ते जलमग्न
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मानीमऊ। गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ तटवर्ती गांवों में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। कासिमपुर गांव में चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांव के संपर्क मार्ग और आसपास के इलाके जलमग्न हैं। गांव की ओर जाने वाले रास्ते डूबे दिखाई दे रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गुरुवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 125.530 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 125.970 मीटर है।
रिपोर्ट के अनुसार 30 सितंबर को नरौरा बैराज से 1,53,173 क्यूसेक और एक अक्टूबर को 1,05,634 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक यह पानी 48 घंटे में महादेवी घाट के गेज तक पहुंचता है। ऐसे में कासिमपुर समेत आसपास के तटवर्ती गांवों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। पहले से जलभराव झेल रहे ग्रामीणों के सामने अब नए पानी की दस्तक ने चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों को आवागमन, सुरक्षित स्थान और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन से तटवर्ती गांवों में निगरानी बढ़ाने, आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मांग उठ रही है। एसडीएम वैभव गुप्ता का कहना है कि गंगा के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को भी सचेत किया गया है। बाढ़ चौकियों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार 30 सितंबर को नरौरा बैराज से 1,53,173 क्यूसेक और एक अक्टूबर को 1,05,634 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक यह पानी 48 घंटे में महादेवी घाट के गेज तक पहुंचता है। ऐसे में कासिमपुर समेत आसपास के तटवर्ती गांवों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। पहले से जलभराव झेल रहे ग्रामीणों के सामने अब नए पानी की दस्तक ने चिंता बढ़ा दी है।
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ग्रामीणों को आवागमन, सुरक्षित स्थान और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन से तटवर्ती गांवों में निगरानी बढ़ाने, आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मांग उठ रही है। एसडीएम वैभव गुप्ता का कहना है कि गंगा के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को भी सचेत किया गया है। बाढ़ चौकियों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
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