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रेती की कब्रों ने बढ़ा दिया श्मशान का दायरा, जिला प्रशासन ने सभी घाटों पर निगरानी के लिए टीम बनाई

Sat, 15 May 2021 11:46 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 15 May 2021 11:46 PM IST
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retee kee kabron ne badha diya shmashaan ka daayara, jila prashaasan ne sabhee ghaaton par nigaraanee ke lie teem banaee
कन्नौज। उन्नाव के बाद अब कन्नौज जिले के महादेवी घाट पर श्मशान का दायर बढ़ गया है। कोरोना काल में हुई मौतों से एक ओर शवों का दाह संस्कार हुआ, वहीं दूसरे छोर पर तमाम शवों को गंगा की रेती में दफन कर दिया गया। शनिवार को यह मामला तूल पकड़ने पर जिला प्रशासन ने सभी घाटों पर निगरानी के लिए प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीम बना दी। वहीं श्मशान का दायरा बढ़कर करीब 500 मीटर हो गया है।
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जिले के शहरी, आसपास के ग्रामीण व पड़ोसी जनपद के सटे गांवों के लोग महादेवी घाट (मेहंदी घाट) पर शवों का अंतिम संस्कार करते हैं। यहां दक्षिणी छोर पर करीब 100 मीटर और उत्तरी छोर पर करीब दो सौ मीटर की जमीन शव दाह के लिए तय है। यहीं पर लोग लंबे समय से दाह संस्कार करते आ रहे हैं। कोरोना काल की दूसरी लहर में मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी तो दाह संस्कार के अब तक के सारे आंकड़े टूट गए। एक दिन में 100 से 150 तक शवों का अंतिम संस्कार हुआ। वहीं आर्थिक तंगी और अन्य वजहों से लोग शवों को रेती में दफना कर चले गए। यह सिलसिला अभी भी जारी है।
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अमर उजाला की पड़ताल में घाट किनारे रेती में तमाम शव दफन मिले। इन पर अगरबत्ती जली हुई थीं। कई जगह कुत्ते कब्र खोदकर शव को नोचते मिले। इलाकाई मुकेश कुमार, नीरज शुक्ला ने बताया कि बारिश के समय कब्र पानी में डूब जाएंगी। इससे गंगा प्रदूषित होंगी। इसी बीच संक्रमितों के भी शव दफना देने का वीडियो वायरल होने से लोग सशंकित हैं।
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डीएम ने निगरानी समिति बनाकर ड्यूटी लगाई
डीएम ने गंगा घाटों की निगरानी के लिए प्रशासन व पुलिस की ड्यूटी लगा दी है। डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि समिति घाटों के किनारे सतर्क रहते हुए भ्रमणशील रहेगी। कोई भी व्यक्ति शव को दफन या गंगा नदी में प्रवाहित नहीं करेगा। किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण वह अंतिम संस्कार करने में सक्षम नहीं है तो जिला पंचायतराज अधिकारी को सूचना दी जाए। ग्राम पंचायत निधि से अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
यहां, इनकी लगी ड्यूटी
सद्दपुर बांगर घाट
लेखपाल यज्ञदत्त व लेखपाल सुखवंत, सचिव संजीव कुमार, सफाईकर्मी कल्लू, पुलिसकर्मी वरुण राना, राकेश कुमार, अनुज कुमार, सुदामा प्रसाद।
अलीपुर जलेसर घाट
लेखपाल रामाधार व आशीष कठेरिया, सचिव बृजेश कुमार, सफाईकर्मी मीना देवी, पुलिसकर्मी प्रदीप मिश्रा, रघुनाथ कुमार, कुंवर सिंह, सुभाष चंद्र।
कुसुमखोर बांगर घाट
लेखपाल रतन कुमार व विजय पाल, सचिव बाबूलाल, सफाईकर्मी लालू, पुलिसकर्मी गौरव, हरिनाथ, विकुल, हरिश्चंद्र।
इब्राहिमपुर बांगर घाट
लेखपाल देवेंद्र दिवाकर व तपन मिश्रा, सचिव विमलेश, सफाई कर्मी रामविलास, पुलिस कर्मी नीरज, करनवीर, सत्यप्रकाश, सुरेंद्र कुमार।
मेहंदीघाट
लेखपाल आशीष पाल व रामजीवन, सचिव सुधीर दुबे व सत्यम वर्मा, सफाई कर्मी कांती, प्रवेश कुमार, पुलिस कर्मी विशाल, उपेंद्र, संदीप, रामलडै़ते।
दुर्जनापुर घाट
लेखपाल शुभम मिश्रा व आलोक कुमार, सचिव प्रियंका सिंह, सफाई कर्मी दिनेश, पुलिस कर्मी गौतम, अवधेश, अनंत बलियान, बृजनंदन।
दाईपुर घाट
लेखपाल अवनीश राठौर व वेदराम, सचिव विकास यादव, सफाईकर्मी वीरेंद्र, पुलिसकर्मी मोंटी कुमार, भोलानाथ, राजकुमार, चंद्रकिशोर।
चियासर घाट
लेखपाल अमित मिश्रा व हरीशंकर, सचिव अशोक प्रजापति, सफाईकर्मी राधेश्याम, पुलिसकर्मी राजदीप, संतोष कुमार, अक्षय कुमार, राममूर्ति।
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